गया : बिहार के गया में गुड़मार की भरमार है। गुड़मार वह चमत्कारिक औषधीय पौधा है, जो Diabetes जैसी बीमारी को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकता है। गुड़मार की पतियां चबाने के बाद यदि चीनी खा लिया जाए, तो बालू खाने का एहसास होता है। ऐसा विशेषज्ञों ने माना है अब सरकार गुड़मार की महता को देखते हुए इसे न सिर्फ संरक्षण, संवर्धन करेगी, बल्कि इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को जोड़कर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
मगध विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने गया में गुड़मार की खोज की है
बिहार के गया में गुड़मार की भरमार है गुड़मार दुर्लभ स्थान पर ही पाया जाता है। हाल ही में मगध विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने गया में गुड़मार की खोज की है। इस दौरान पाया गया है कि गया के ब्रह्मयोनी पहाड़ के क्षेत्र में डायबिटीज का रामबाण कहे जाने वाले औषधीय पौधे गुड़मार की भरमार है। बड़े तादाद में गुड़मार का मिलना डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अब इस औषधीय पौधे के संरक्षण संवर्धन की तैयारी हो रही है। वहीं, इसकी खेती भी कराई जाएगी, ताकि लुप्तप्राय होते औषधीय पौधे गुड़मार की उपलब्धता आसानी से बनी रहे। छत्तीसगढ़ में संजीवनी की तर्ज पर बिहार में गुड़मार को लेकर कदम उठाए जाएंगे।
गुड़मार जो Diabetes मरीजों के लिए रामबाण के समान है – मंत्री प्रेम कुमार
बिहार सरकार के मंत्री सह गया नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार ने इसे लेकर आगामी योजनाओं का जिक्र किया। इस संबंध में मगध विश्वविद्यालय पीजी डिपार्मेंट आफ बॉटनी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार सिंह बताते हैं कि पीजी डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी के शोध कर्ताओं के द्वारा इस पर रिसर्च किया गया है। गुड़मार जो डायबिटीज मरीजों के लिए रामबाण के समान है। आयुर्वेद में भी इसकी चर्चा है। इसके इस्तेमाल से शुगर के इफेक्ट को अत्यंत ही कम किया जा सकता है। इसके एंटी बाय डायबिटिक इफेक्ट है। यह दो तरह से एंटी बाॅय डायबिटिक इफेक्ट करता है। पहला जीभ के माध्यम से वहां जाकर वाइन करता है और जहां शरीर प्रभावित होता है, यह असर दिखाता है।
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गुड़मार पर शोध पहली बार नहीं है, लेकिन बहुतायत में ब्रह्मयोनी पहाड़ पर यह उपलब्ध है
आपको बता दें कि गुड़मार पर शोध पहली बार नहीं है, लेकिन बहुतायत में ब्रह्मयोनी पहाड़ पर यह उपलब्ध है। यह पहली बार सर्वे में आया है। हमारी एक स्टूडेंट वृष्टि ने इस टॉपिक पर काम किया और ब्रह्मयोनी पहाड़ पर तीन औषधीय पौधों का पता लगाया, जिसमें गुड़मार के भरपूर मात्रा में उपलब्धता होने की बात सामने आई। इसका तना लकड़ी की तरह का होता है। इसकी संख्या घट रही है और महता ज्यादा है। ऐसे में सरकार को इसके संरक्षण-संवर्धन के लिए आगे आना होगा। वहीं, विदेशी पौधों से भी इसे खतरा है, क्योंकि वह काफी तेजी से बढ़ते हैं और भारतीय पौधों को कम करते चले जाते हैं।
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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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