वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में स्पष्टीकरण – सरकार किसी धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी

डिजिटल डेस्क : वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में स्पष्टीकरण – सरकार किसी धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। वक्फ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार की मंशा पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

उसी क्रम में लोकसभा में विधेयक के पेश किए जाने के साथ ही स्पष्ट कर दिया गया कि – ‘…वक्फ विधेयक के जरिए सरकार किसी धर्म के मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी’।

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने के बाद चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘…वक्फ विधेयक किसी भी धार्मिक व्यवस्था, किसी भी धार्मिक संस्था या किसी भी धार्मिक प्रथा में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है।

…अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है।

…वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक स्थल-मस्जिद की व्यवस्था में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है, यह केवल प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट का मुद्दा है।’

‘गरीब मुसलमानों की बेहतरी में आपत्ति क्यों है?’

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि ‘…दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है।

…रेलवे की संपत्ति का पूरे देश के लोग इस्तेमाल करते हैं और रक्षा क्षेत्र की जमीन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा में होता है, जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?

…अगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सरकार गरीब मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, तो इसमें आपत्ति क्यों है?

लोकसभा में किरेन रिजिजू
लोकसभा में किरेन रिजिजू

देश में वक्फ बोर्ड के पास रेलवे और सेना के बाद देश में तीसरी सबसे बड़ी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड आज देशभर में करीब 8 लाख 70 हजार संपत्तियों को नियंत्रित करता है। ये संपत्तियां करीब 9 लाख 40 हजार एकड़ जमीन पर फैली हुई हैं।

इनकी अनुमानित कीमत 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये है। दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति भारत में है। भारत में सबसे अधिक जमीन इंडियन रेलवे के पास है। इसके बाद डिफेंस और तीसरा नंबर वक्फ बोर्ड का आता है। मैं उसे सुधारना चाहता हूं।

हजारों किलोमीटर रेलवे ने पटरी लगाया है। वो रेलवे की संपत्ति थोड़े है। देश की संपत्ति है। डिफेंस देश की रक्षा करता है उसकी संपत्ति देश की है। उसकी जमीन देश की है। वक्फ प्रॉपर्टी प्राइवेट प्रॉपटी होती है।

दुनिया में सबसे अधिक वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है। …ऐसा क्यों है? …60 साल तक आप सत्ता में रहे हैं, दुनिया की सबसे अधिक संपत्ति वक्फ के पास है तो हमारे देश का मुसलमान गरीब क्यों है? …मुसलमानों की भलाई के लिए क्यों नहीं काम हुआ?’

लोकसभा में किरेन रिजिजू
लोकसभा में किरेन रिजिजू

‘वक्फ विधेयक को लेकर 9727772 याचिकाएं आईं…’

इसी क्रम में किरेन रिजिजू ने कहा कि – ‘…इस बिल को लेकर 9727772 याचिकाएं आई थी, आज तक कभी भी इससे ज्यादा संख्या में किसी भी बिल को लेकर याचिकाएं नहीं आई हैं। …284 डेलिगेशन ने अलग-अलग कमेटी के सामने अपनी बात रखी है।
…इस बिल का पॉजिटिव सोच के साथ विरोध करने वाले भी समर्थन करेंगे।सरकार ने उन सभी पर ध्यानपूर्वक विचार किया है, चाहे वे जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) के माध्यम से हों या सीधे दिए गए ज्ञापन।
…इतिहास में पहले कभी किसी विधेयक को इतनी बड़ी संख्या में याचिकाएं नहीं मिली हैं। आजादी के बाद 1954 में वक्फ़ एक्ट पहली बार बना। …फिर कई संशोधनों के बाद 1995 में वक्फ एक्ट बना। उस वक्त किसी ने नहीं कहा कि ये गैरसंवैधानिक है।
…आज जब हम उसी बिल को सुधारकर ला रहे हैं तो आप कह रहे हैं कि यह गैरसंवैधानिक है। …अगर आपका मन सच्चा होता तो आप तर्क करते बिल पर चर्चा करते। …आप सबकुछ छोड़कर जिसका लेना-देना नहीं है, उसका जिक्र कर आप लोगों को बरगला रहे हैं।’
लोकसभा में किरेन रिजि
लोकसभा में किरेन रिजि

सरकार ने मुसलमानों को दिए 5 भरोसे, जानिए एकनजर में…

किरेन रिजिजू ने लोकसभा में बिल पेश करने के दौरान मुसलमानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी मस्जिद पर कोई कार्रवाई का प्रावधान इस बिल में नहीं है। ये सिर्फ संपत्ति का मामला है धार्मिक संस्थानों से इस बिल का कोई लेना देना नहीं है।
दूसरा कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक स्थल-मस्जिद की व्यवस्था में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें कोई बदलाव न ही कोई हस्तक्षेप किया जाएगा।
तीसरा कि, वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक कार्य कलाप में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे हैं। वक्फ बोर्ड कानून के दायरे में होगा। इसमें कुछ भी कानून के उलट नहीं किया जाएगा।
चौथा कि कलेक्टर से ऊपर कोई भी अधिकारी सरकारी जमीन और किसी विवादित जमीन का विवाद देखेगा। जब वक्फ प्रॉपर्टी क्रिएट करेंगे तो किसी आदिवासी एरिया में जाकर नहीं कर सकते हैं। यह बदलाव अहम है। किसी भी मस्जिद को कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। इस बिल में मस्जिद के मैनेजमेंट में दखलंदाजी का प्रावधान नहीं कर रहे हैं।
पांचवां कि वादा करते हैं कि Centre of council में कुल 22 सदस्यों में 4 सदस्य गैर-मुसलमानों से ज्यादा नहीं हो सकते हैं। पूर्व अधिकारियों सहित संसद के 3 सदस्य चुने जाएंगे। संसद के सदस्य किसी भी धर्म के हो सकते हैं।
इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखते हुए कहा कि – ‘…अब वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, पिछड़े मुसलमान, महिलाएं और विशेषज्ञ गैर-मुस्लिम भी होंगे।
…मैं अपना खुद का उदाहरण देता हूं। मान लीजिए मैं मुसलमान नहीं हूं लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। …फिर मैं सेंट्रल वक्फ काउंसिल का चेयरमैन बन जाता हूं।
…मेरे पद के बावजूद, काउंसिल में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं और उनमें से 2 महिला सदस्य अनिवार्य हैं।’
Saffrn

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