पटना : बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल गोपालगंज जिलांतर्गत थावे दुर्गा मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान आज एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य योजना के तहत चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की बेहद धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने पाया कि प्रशासनिक स्वीकृति की समय-सीमा बीत जाने जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य अत्यंत असंतोषजनक है। इस घोर लापरवाही को देखते हुए मुख्य सचिव ने मौके पर ही कड़े कड़े कदम उठाने के निर्देश जारी किए।
इंजीनियरों की सेवा वापस करने का निर्देश
मुख्य सचिव ने परियोजना की मॉनिटरिंग में विफल और शिथिलता बरतने वाले जिम्मेदार कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता की सेवा तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग को वापस करने का निर्देश दिया है।
संवेदक को अंतिम चेतावनी
कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार को मुख्य सचिव ने काम में तुरंत सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में मैनपावर बढ़ाकर प्रगति नहीं दिखाई गई तो न केवल करारनामा रद्द किया जाएगा बल्कि संवेदी को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा।
3 माह में हर हाल में कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कड़ा निर्देश दिया है कि मंदिर परिसर के सभी बचे हुए निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को आगामी तीन महीनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लिया जाए। बैठक में ‘थावे मंदिर परिसर का विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य’ के विभिन्न घटकों की भौतिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
कुल स्वीकृत राशि
इस पूरी परियोजना के लिए 2,897.00 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 2,416.59 लाख की राशि का इकरारनामा हुआ है।
दुकानों का निर्माण
परिसर में स्थानीय दुकानदारों के लिए कुल 200 दुकानों का प्रावधान है । इसमें से 113 दुकानों का कार्य 100 फीसदी पूरा हो चुका है, जबकि 28 अन्य दुकानों का कार्य 65 फीसदी तक पहुंचा है।
तालाब और जनसुविधाएं
तालाब के विकास का कार्य 50 फीसदी और जनसुविधाओं का कार्य 95 फीसदी पूरा हो चुका है। वर्तमान में तालाब में फाउंटेन, रिटेनिंग वॉल और स्टेप सिटिंग में ग्रेनाइट लगाने का काम चल रहा है।
चिल्ड्रेन पार्क व अन्य बुनियादी कार्य
चिल्ड्रेन पार्क का काम केवल 50 फीसदी पर अटका है। इसके अलावा पैदल पार पथ मात्र 20 फीसदी और लेजर लाइट एवं साउंड शो का काम महज 15 फीसदी ही पूरा हो पाया है।
बाह्य विद्युतीकरण शून्य
मुख्य सचिव ने इस बात पर बेहद कड़ा रुख अपनाया कि बाह्य विद्युतीकरण का कार्य अबतक जीरो फीसदी है, जिसे तुरंत शुरू करने का आदेश दिया गया।
थावे मंदिर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है – मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अंत में कहा कि थावे मंदिर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है और इसके विकास कार्य में किसी भी प्रकार की लेत-लतीफी या गुणवत्ता से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटन विभाग के वरीय अधिकारी स्वयं इस स्थल के कार्यों की साप्ताहिक निगरानी करेंगे। मुख्य सचिव स्वयं भी स्थल का निरीक्षण करने शीघ्र जाएंगे।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) के समग्र विकास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने पुनौरा धाम (सीतामढ़ी) के समग्र विकास कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। समय-सीमा के भीतर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया। माता सीता की पावन जन्मस्थली, सीतामढ़ी स्थित ‘पुनौरा धाम’ को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तर्ज पर एक भव्य और विश्वस्तरीय धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति को लेकर आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने पुनौरा धाम के ‘समग्र विकास’ से जुड़े विभिन्न घटकों, निर्माण कार्यों की समय-सीमा और भावी लक्ष्यों की बिंदुवार समीक्षा की
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पुनौरा धाम के ‘समग्र विकास’ से जुड़े विभिन्न घटकों, निर्माण कार्यों की समय-सीमा और भावी लक्ष्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनौरा धाम का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव द्वारा प्रमुख दिशा-निर्देश व निर्देश जारी किए गए।
3 महीने के लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने का आदेश
मुख्य सचिव ने निर्माण एजेंसी और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम को 10 मई 2026 से 10 अगस्त 2026 के बीच निर्धारित ‘तीन माह के लक्ष्यों’ को पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है ।
परिसर के भीतर सड़क नेटवर्क का तेजी से निर्माण
परिसर के आंतरिक सड़क नेटवर्क और आम जनता के लिए वैकल्पिक मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, ताकि आगामी 10 जुलाई 2026 तक यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो सके।
जमीन हस्तांतरण और अतिक्रमण हटाने में तेजी
मुख्य सचिव प्रत्यय अृमत ने जिला प्रशासन, सीतामढ़ी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि गायत्री मंदिर ट्रस्ट को वैकल्पिक भूमि का हस्तांतरण करने और सीता रसोई, पीठाधीश्वर निवास और गायत्री मंदिर जैसी शेष तीन इमारतों को खाली कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चल सके।
ड्राइंग्स का अंतिम सत्यापन
फाउंडेशन और स्ट्रक्चर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण ड्राइंग्स के सत्यापन कार्य को 22 जुलाई 2026 तक हर हाल में अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परिसर में बनने वाले यात्री निवास, डिजिटल गैलरी, पार्क और अन्य जनसुविधाओं का खाका इस प्रकार तैयार हो कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को यहां उत्तम अनुभव प्राप्त हो। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अंत में कहा कि पुनौरा धाम केवल एक पर्यटन परियोजना नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। पर्यटन विभाग के वरीय अधिकारियों को समय-समय पर स्वयं कार्यस्थल का दौरा कर भौतिक प्रगति की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य सचिव ने की एग्री स्टैक व किसान रजिस्ट्री की समीक्षा, 27 मई तक 2 से 2.5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य पूरा करने का दिया निर्देश
बिहार में पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों के लिए चलाए जा रहे ‘किसान रजिस्ट्री’ अभियान की प्रगति को लेकर आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में ‘मिशन मोड’ के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ‘किसान रजिस्ट्री’ राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है | उन्होंने अभियान की गति को और तेज करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए हैं।
सभी जिलाधिकारी आगामी 27 मई 2026 तक राज्य में किसान रजिस्ट्री का आंकड़ा 2 लाख से 2.5 लाख के पार पहुंचाना सुनिश्चित करें
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सभी जिलाधिकारी आगामी 27 मई 2026 तक राज्य में किसान रजिस्ट्री का आंकड़ा दो लाख से 2.5 लाख के पार पहुंचाना सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले जिलों पर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने जमुई, सारण और सीवान जैसे जिलों को तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने, अभियान को गति देने और त्वरित प्रगति दिखाने का सख्त निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने अंत में कहा कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को हासिल करें ।
एग्री स्टैक के सुचारू संचालन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर पर लंबित मामलों में त्वरित हस्तक्षेप का निर्देश दिया गया है
एग्री स्टैक के सुचारू संचालन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्तर पर लंबित मामलों में त्वरित हस्तक्षेप का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने शेष 11,400+ गांवों के ‘जियो-रेफरेंसिंग विलेज मैप्स’ के कार्य और ‘रिविजनल सर्वे मैप्स’ के एपीआई एक्सेस से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा ताकि डेटा सत्यापन का काम समय पर पूरा हो सके। वर्तमान में कम एनएमएस के कारण लंबित पड़े कुल 7,88,116 किसान रजिस्ट्री नामांकनों का जल्द से जल्द भौतिक व डिजिटल सत्यापन करने का निर्देश दिया गया ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ अविलंब मिल सके।
बिहार में किसान रजिस्ट्री की अब तक की स्थिति (एक नजर में)
राज्य में कुल 86.36 लाख पीएम-किसान लाभार्थियों के मुकाबले अब तक 49.7 लाख (57.6 फीसदी) किसान रजिस्ट्री का कार्य पूरा किया जा चुका है। 12 मई 2026 से शुरू हुए ‘मिशन मोड’ अभियान के तहत अब तक 1,96,929 नए पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जो राज्य के औसत प्रदर्शन का 2.3 फीसदी है। वर्तमान में गोपालगंज (8,411 FRs), पश्चिमी चंपारण (7,461 FRs) और पूर्वी चंपारण (6,539 FRs) मिशन मोड में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं । वहीं, जमुई (1,339 FRs), नवादा (1,937 FRs) और भोजपुर (2,244 FRs) को अपनी गति में काफी सुधार करने की आवश्यकता है।
यह भी पढ़े : सरकार रक्षा वाहिनी के कल्याण के लिए लगातार कर रही काम – श्रवण कुमार
Highlights


















