पटना : पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज विद्यापति भवन पटना में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, जिला परिषदों के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, विभिन्न लाइन विभागों के पदाधिकारी व जिला पंचायत संसाधन केंद्र के नोडल पदाधिकारी प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए।
ग्राम पंचायत विकास योजना एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है – मंत्री दीपक प्रकाश
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायतों में किए जाने वाले विकास कार्यों की आधारशिला रखी जाती है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा, महिला सभा एवं बाल सभा का नियमित आयोजन कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप पंचायत विकास योजना का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं अपेक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
मंत्री ने कहा- ग्राम पंचायतों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की आवश्यकता है
मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में भी प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला के माध्यम से नई जानकारियां एवं व्यवहारिक अनुभव प्राप्त कर पूर्व की त्रुटियों में सुधार करते हुए बेहतर पंचायत विकास योजना निर्माण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु पंचायती राज विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
मंत्री ने प्रतिभागियों को ग्राम पंचायतों में क्रियान्वित योजनाओं के उचित दस्तावेजीकरण को सुनिश्चित करने का निदेश दिया
मंत्री ने प्रतिभागियों को ग्राम पंचायतों में क्रियान्वित योजनाओं के उचित दस्तावेजीकरण को सुनिश्चित करने का निदेश दिया। साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) पोर्टल पर आंकड़ों की शुद्ध एवं समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के Own Source of Revenue को विकसित करने की दिशा में भी गंभीरतापूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे ग्राम पंचायतें आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें तथा विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर सकें।
मंत्री ने कहा- स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) को वर्ष 2030 तक प्राप्त करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है
मंत्री ने कहा कि स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) को वर्ष 2030 तक प्राप्त करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आने वाले वर्षों में लक्षित एवं सहभागी योजना निर्माण के माध्यम से ग्राम पंचायतें सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में देश को नई दिशा दे सकती हैं। कार्यशाला में पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से प्याली रॉय द्वारा प्रतिभागियों को 16वीं वित्त आयोग, ई-ग्राम स्वराज, ग्राम पंचायत विकास योजना व पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) जैसे विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वहीं योगेश कुमार, सीनियर डेवलपर, NIC दिल्ली द्वारा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से संबंधित तकनीकी जानकारी दी गई। बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान द्वारा भी प्रतिभागियों को अपशिष्ट प्रबंधन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया
कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा People’s Plan Campaign वर्ष 2026–27 हेतु पंचायत विकास योजना निर्माण विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी मंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों के आधार पर प्रतिभागियों को नौ समूहों में विभाजित किया गया, जिन्होंने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर मनोज कुमार, सचिव, पंचायती राज विभाग, नवीन कुमार सिंह, निदेशक, पंचायती राज विभाग, ललित राही प्राचार्य बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्थान सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
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