बक्सर : बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान आज यानी रविवार को बक्सर पहुंचे। उन्होंने बक्सर में इंटरनेशनल विद्यालय का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने आरिफ मोहम्मद खान ने शिक्षा में गरीबों की भागीदारी पर जोर दिया। वक्फ संशोधन विधेयक पर दिए बयान में राज्यपाल ने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए विद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि यदि कोई गरीब बच्चा इस विद्यालय में पढ़ना चाहता है, तो उसे भी भरपूर अवसर मिलना चाहिए।

धर्मार्थ का सही अर्थ यह है कि जो असहाय हैं, जिन्हें कोई देखने वाला नहीं है – राज्यपाल
उन्होंने बक्सर एक निजी स्कूल के उद्घाटन में पहुंचे। बिहार के राज्यपाल ने कहा कि धर्मार्थ का सही अर्थ यह है कि जो असहाय हैं, जिन्हें कोई देखने वाला नहीं है। उनके हित के लिए काम किया जाए। वक्फ की संपत्ति का लाभ ऐसे ही लोगों को मिलना चाहिए। राज्यपाल ने वक्फ संपत्तियों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार वक्फ संपत्तियों की संख्या में देश में अग्रणी है, लेकिन आज तक कोई भी प्रभावी धर्मार्थ संस्था वहां से संचालित नहीं हो रही है।
उन्होंने उदाहरण स्वरूप महावीर मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल 30-35 साल पुराने इस मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से महावीर कैंसर अस्पताल और महावीर वात्सल्य अस्पताल जैसे कई संस्थान आम लोगों की सेवा कर रहे हैं।
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मैं हमेशा बक्सर का रहूंगा लेकिन अब सांसद का चुनाव नहीं लड़ूंगा – अश्विनी कुमार चौबे
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने मंच से बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मैं हमेशा बक्सर का रहूंगा लेकिन अब सांसद का चुनाव नहीं लड़ूंगा। उन्होंने बक्सर के धार्मिक और शैक्षणिक महत्व की चर्चा करते हुए बताया कि यह स्थान त्रेता युग से ही शिक्षा का केंद्र रहा है। भगवान राम ने भी यहीं आकर शिक्षा ग्रहण की थी। समारोह पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण साबित हुआ और शिक्षा क्षेत्र में एक नई दिशा देने वाला सिद्ध हो सकता है।
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धीरज कुमार की रिपोर्ट
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