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Reliance Industries Limited 10 लाख करोड़ से अधिक की कुल इक्विटी पार करने वाली पहली कंपनी बनी…

Desk : रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (Reliance Industries Limited) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और Q4 यानि चौथी तिमाही के नतीजे घोषित किए। रिलायंस इंडस्ट्रीज ₹ 10 लाख करोड़ से अधिक की कुल इक्विटी पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई। रिलायंस ने ₹1,071,174 करोड़ ($125.3 बिलियन) का रिकॉर्ड वार्षिक कंसोलिडेटेड राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.1% अधिक है। यह उपभोक्ता व्यवसायों और O2C में निरंतर राजस्व वृद्धि के दम पर हुआ है। रिलायंस का वार्षिक कंसोलिडेटेड EBITDA वर्ष-दर-वर्ष 2.9% बढ़कर ₹183,422 करोड़ ($21.5 बिलियन) हो गया, जिसमें उपभोक्ता व्यवसायों का योगदान शानदार रहा।

रिलायंस का वार्षिक कंसोलिडेटेड कर पश्चात लाभ और एसोसिएट्स और JVs के लाभ/(हानि) का हिस्सा वर्ष-दर-वर्ष 2.9% बढ़कर ₹81,309 करोड़ ($9.5 बिलियन) दर्ज हुआ। FY2024-25 के लिए पूंजीगत व्यय 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए कुल ₹131,107 करोड़ ($15.3 बिलियन) रहा। 31 मार्च 2025 को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का शुद्ध ऋण पिछले साल के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है। पिछली मार्च के मुकाबले शुद्ध ऋण ₹117,083 करोड़ ज़्यादा रहा। मार्च 2025 को समाप्त हुई तिमाही का रिलायंस का सकल राजस्व ₹288,138 करोड़ ($33.7 बिलियन) रहा।

Reliance Industries Limited : पिछले साल के मुकाबले 8.8% ज़्यादा

यह पिछले साल के मुकावले 8.8% ज़्यादा है। ओटूसी और कंज्यूमर बिज़नेस के अच्छे प्रदर्शन के दम पर ये बेहतरी देखी गई है। कन्ज्यूमर व्यवसाय के बेहतर प्रदर्शन के चलते रिलायंस का तिमाही का EBITDA 3.6% (Y-o-Y) बढ़कर ₹48,737 करोड़ ($5.7 बिलियन) पहुंच गया।टैक्स और असोसिएट और जेवी का हिस्सा निकालने के बाद तिमाही का लाभ 6.4% (Y-o-Y) ₹22,611 करोड़ ($2.6 बिलियन) रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का 31 मार्च 2025 को समाप्त हुई तिमाही का कन्सोलिडेटेड पूंजीगत व्यय ₹36,041 करोड़ ($4.2 बिलियन) रहा।

मार्च 2025 को समाप्त तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का EBIDTA साल-दर-साल 18.5% बढ़कर ₹17,016 करोड़ हो गया। जियो का शुद्ध लाभ साल-दर-साल 25.7% बढ़कर ₹7,022 करोड़ दर्ज किया गया। Q4 FY2024-25 तिमाही के दौरान जियो ने 61 लाख नेट ग्राहक जोड़े। यह टैरिफ वृद्धि से उपजी परिस्थितियों के बाद ग्राहकों की तादाद में निरंतर बढ़ोतरी का परिणाम है। 31 मार्च 2025 को जियो के ग्राहकों की संख्या 48 करोड़ 82 लाख रही, जिसमें 19 करोड़ 10 लाख ट्रू5जी ग्राहक शामिल हैं।

जियो का ARPU, टैरिफ बढ़ोतरी के प्रभाव और बेहतर ग्राहक मिश्रण के साथ ₹ 206.2 तक पहुँच गया, जबकि इस तिमाही में दिनों की संख्या कम थी। टैरिफ बढ़ोतरी का प्रभाव जून 2025 तक जारी रहेगा। जियो पर ग्राहकों ने 33.6 जीबी/माह प्रति व्यक्ति डेटा खपत की और तिमाही के दौरान 19.6% साल-दर-साल की वृद्धि के साथ डेटा खपत 48.9 अरब जीबी तक पहुंच गई। जियो नेटवर्क पर वॉयस ट्रैफ़िक साल-दर-साल 3.5% बढ़कर 1.49 ट्रिलियन मिनट हो गया।

रिलायंस रिटेल की कंज्यूमर ब्रैंड्स भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाली FMCG कंपनी बन गईं

रिलायंस रिटेल ने FY25 में ₹330,870 करोड़ का सकल राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 7.9% ज्यादा है; मार्च 2025 तिमाही में रिटेल ने ₹88,620 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो साल-दर-साल 15.7% अधिक है। रिलायंस रिटेल की कंज्यूमर ब्रैंड्स भारत में सबसे तेजी से बढ़ने वाली FMCG कंपनी बन गईं हैं; ऑपरेशन के दूसरे वर्ष में ही उसकी बिक्री का आंकड़ा ~ ₹11,450 करोड़ पहुंच गया है। रिलायंस रिटेल का तिमाही EBITDA साल-दर-साल 14.3% बढ़कर ₹6,711 करोड़ हो गया; EBITDA मार्जिन 8.5% रहा। रिटेल व्यवसाय ने 1,085 नए स्टोर खोले, कुल स्टोर्स की संख्या 19,340 तक जा पहुंची हैं, ये स्टोर कुल 7 करोड़ 74 लाख वर्ग-फुट में फैले हैं। 34 करोड़ 90 लाख पंजीकृत ग्राहक आधार के साथ रिलायंस रिटेल देश में सबसे पसंदीदा खुदरा विक्रेताओं में से एक बन गया है। कुल 36 करोड़ 10 लाख लेनदेन दर्ज किए गए, जो साल-दर-साल 16.1% अधिक है। डिजिटल कॉमर्स और न्यू कॉमर्स ने कुल राजस्व में 18% का योगदान दिया।

ओटूसी व्यवसाय का तिमाही का राजस्व 0.4% (YoY) घटकर ₹6,440 करोड़ रहा। गैस का कम उत्पादन और केजीडी6 का कम ऑइल ऑफटेक इसकी वजह रही। इसके प्रभाव को केजीडी6 फील्ड की गैस के बढ़े हुए दाम और सीबीएम के बढ़े हुए उत्पादन ने काफी हद तक कम कर दिया। रिलायंस के ओटूसी व्यवसाय का EBITDA विभिन्न कारणों से 10.0% (Y-o-Y) कम होकर ₹15,080 करोड़ ($1.8 बिलियन) रहा। जियो-बीपी ब्रैंड के तहत, रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (RBML) के देश भर में 1,916 पेट्रोल पंप हैं। 2024 की चौथी तिमाही में इनकी संख्या 1,729 थी।

RBML की एचएसडी, एमएस और एटीफ़ 24.4% / 35.4% / 46.8% (Y-o-Y) की दर से बढ़े। इसके मुकाबले इंडस्ट्री की सेल्स वॉल्यूम में बढ़ोतरी मात्र (0.9%) / 5.6% / 6.4% रही। ओटूसी व्यवसाय का तिमाही का राजस्व 0.4% (YoY) घटकर ₹6,440 करोड़ रहा। गैस के कम उत्पादन और केजीडी6 के कम ऑइल ऑफटेक के प्रभाव को, केजीडी6 फील्ड की गैस के बढ़े हुए दाम और सीबीएम का बढ़ा हुआ उत्पादन। तिमाही का ऑइल और गैस व्यवसाय का EBITDA 8.6% कम होकर ₹5,123 करोड़ (Y-o-Y) रहा। वन-टाइम मेंटेनेंस और सरकारी लेवी के कारण ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ा। केजीडी6 का वर्ष 2025 की चौथी तिमाही का गैस का उत्पादन 26.73 MMSCMD और तेल/कंडेन्सेट का उत्पादन ~19,600 बिलियन बैरल/ प्रतिदिन रहा। गैस का वर्तमान उत्पादन ~27.3 MMSCMD है और तेल/कंडेंसेट का ~ 20,600 बिलियन बैरल/प्रतिदिन है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए 5.5 रुपये प्रति शेयर के लाभांश यानि डिविडेंट की घोषणा की है।

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