हजारीबाग: भारत ने बृहस्पतिवार 24 अप्रैल 2025 को 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी वीजा रद्द करने की घोषणा की और पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को यथाशीघ्र स्वदेश लौटने की सलाह दी. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बीच भारत ने यह कदम उठाया. इस आदेश के बाद हजारीबाग में भी पाकिस्तान वीजा पर रह रहे दो बहू की चिंता भी बढ़ गई है. दोनों परिवार विदेश विभाग के दफ्तर पहुंचे जहां उन्होंने कई अहम दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों बहू लॉन्ग टर्म विजा के तहत हजारीबाग में रह रही हैं. ऐसे में अब सरकारी अभी जांच कर रही है क्या इन्हें भी पाकिस्तान जाना होगा
हजारीबाग में दो पाकिस्तानी बहु है. इनमें एक बिहार के कैबिनेट मंत्री रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता एचएच रहमान के छोटे भाई आजाद नगर हजारीबाग के सफीकुर्र रहमान की पत्नी अनिका रहमान हैं. सफीकुर्र रहमान ने 1994 में अनिका रहमान से शादी की थी. इनका लॉन्ग टर्म विजा 2014 तक था. 2014 के बाद इनका विजा रिनुअल होने की कार्रवाई प्रक्रिया में है. अनिका रहमान ने कहा कि पाकिस्तान में मायके में कोई नहीं है. पिछले 5 साल से पाकिस्तान नहीं गई हूं.
शहर के पेलावल थाना क्षेत्र के बारी कॉलोनी निवासी मिराज अख्तर की पत्नी फातिमा तंजीम हैं. मिराज अख्तर ने बताया कि 2010 में उन्होंने पाकिस्तान की फातिमा तंजीम से शादी की थी.कहां की आजादी के बाद परिवार बिखरे थे. फुफी पाकिस्तान में रह गई और वो लोग भारत आ गए. यह परिवार फिर से जुड़े यही सोचकर अपनी फुफी की बेटी से मैं शादी की.बताया कि उनका लॉन्ग टर्म विजा 2021 तक का है.आगे का रिव्यू प्रक्रिया में है. दोनों का परिवार हजारीबाग में बसा हुआ है.
शार्क वीजा में 17 तरह के वीजा हैं इन्हीं को भारत सरकार ने वापस जाने का आदेश जारी किया है. मेडिकल वीजा को 10 दिन की राहत दी गई है. हजारीबाग में लॉन्ग टर्म विजा पर रह रहे लोगों का कहना था कि केंद्र सरकार ने लॉन्ग टर्म विजा के रिव्यू का पूरी पावर राज्य सरकार को दे दिया है लेकिन जब हम लॉन्ग टर्म विजा का रिन्यूअल के लिए राज्य सरकार के पास जाते हैं तो केंद्र के पास भेजा जाता है. केंद्र में जाते हैं तो वहां कहा जाता है कि आप यहां क्यों आए हैं सब कुछ राज्य में होगा. जिसके कारण किसी का 2014 से तो किसी का 2021 से लॉन्ग टर्म विजा रेनुअल लंबित है.
गृह विभाग के आदेश के आने के बाद हजारीबाग फॉरेन सेक्शन का भी गतिविधि बढ़ गया है.यहां रह रहे बांग्लादेशी और पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उनका जांच भी किया जा रहा है और उन्हें बुलाया भी जा रहा है. ताकि उनके गतिविधियों का रिव्यू किया जा सके. महत्वपूर्ण बात यह है दोनों पाकिस्तानी बहू जो हजारीबाग में रह रही है अगर वह कहीं भी बाहर जाती हैं तो उन्हें विदेश शाखा में बाकायदा आवेदन देना होता है कि वह कहां जा रही है, किस उद्देश्य से जा रही है. जब वह वापस लौटी है तो उन्हें फिर से यह आवेदन देना होता है कि वह वापस हजारीबाग लौटी है. इस कारण एक बड़ी लंबी चौड़ी कानूनी प्रक्रिया के तहत इन्हें गुजरना पड़ता है .कहा जाए तो अपनी हर एक गतिविधि पुलिस के साथ इन्हें साझा करना होता है.
हजारीबाग प्रशासनिक दस्तावेज में यहां 12 बांग्लादेशी हैं. जिनका फॉरेन सेक्शन और जेपी कारा के डिटेंशन सेंटर में रिकॉर्ड दर्ज है.हजारीबाग में रह रहे 12 बांग्लादेशी में 9 बांग्लादेशी जेपी कारा के डिटेंशन सेंटर के रिकॉर्ड में है.इनमें छह बांग्लादेशी सजा पूरी करने के बाद डिटेंशन सेंटर में रह रहे हैं. वहीं तीन बांग्लादेशी पूर्व में सेंटर से फरार हो चुके हैं. तीन बांग्लादेशी फॉरेन सेक्शन के रिकॉर्ड में है. जो लॉन्ग टर्म विजा पर हैं. इनमें दो भाई सुभाष कृष्णा बोस और श्यामल कुमार बोस हैं जो 1971 से हजारीबाग के हुरहुरु में रह रहे हैं. एक भाई की मौत भी हो चुकी है. दोनों भाई लॉन्ग टर्म विजा पर हैं. जबकि चुरचू के चीचिकला में नरगिस अख्तर रह रही हैं जो पिछले वर्ष ही चीची कला के एक युवक से फेसबुक पर प्यार होने के बाद वह आ गई और प्रेम विवाह कर ली है.


















