जेटेट परीक्षा में बड़ा बदलाव: 3.50 लाख अभ्यर्थियों को फिर से करना होगा आवेदन, शुल्क में छूट

रांची: जेटेट परीक्षा में एक बार फिर जिलास्तरीय भाषा का निर्धारण अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद परीक्षा के लिए पहले से आवेदन कर चुके करीब 3.50 लाख अभ्यर्थियों को पुनः आवेदन करना होगा। हालांकि उन्हें दोबारा शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की अधिसूचना के आलोक में लिया गया है।

नये प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित 15 भाषाओं में से 11 भाषाएं जिलास्तरीय भाषा के रूप में चिह्नित की गई हैं, जबकि शेष चार भाषाओं में से किसी एक को चुनकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना होगा। यह व्यवस्था वर्ष 2013 और 2016 की परीक्षा में भी लागू थी, लेकिन 2019 की नियमावली से यह प्रावधान हटा दिया गया था, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।

प्रमुख बातें:

  • जिलास्तरीय भाषा का निर्धारण अनिवार्य किया गया।

  • पूर्व के 3.50 लाख आवेदन रद्द माने जाएंगे, पुनः आवेदन जरूरी।

  • दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

  • सिलेबस में बदलाव, अब CTET के अनुरूप।

  • कक्षा 1-5 के लिए कठिनाई स्तर मैट्रिक, 6-8 के लिए प्लस टू।

  • आवेदन की प्रक्रिया जुलाई से होगी शुरू।

जेटेट परीक्षा के सिलेबस में भी व्यापक बदलाव किया गया है। अब इसका सिलेबस केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) के अनुरूप होगा। कक्षा 1 से 5 तक के लिए प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर मैट्रिक या समकक्ष होगा, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के लिए प्रश्न राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित सिलेबस पर आधारित होंगे, परंतु कठिनाई स्तर उच्चतर माध्यमिक या समकक्ष रखा गया है।

सरकार द्वारा तैयार की गई नयी नियमावली को जून में कैबिनेट से स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसके बाद जैक (Jharkhand Academic Council) को परीक्षा के लिए अधियाचना भेजी जाएगी और जुलाई से नये सिरे से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।


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