पटना: नालंदा ज़िले के छोटी पहाड़ी इलाके में ज़हरीली शराब से लगातार हो रही मौत को लेकर सियासत गरमाने लगी है. विपक्ष ही नहीं सरकार की सहयोगी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर दिख रही है. ये पार्टियां शराब के अवैध कारोबार और उससे होने वाली मौतों के लिए के लिए शराबबंदी कानून और नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहरा रही है. जाप नेता पप्पू यादव सोहसराय के छोटी पहाड़ी इलाके में पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. पप्पू यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट से लेकर सरकार के सहयोगी दल तक शराबबंदी कानून को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार सुनने को तैयार नहीं हैं. उन्होने11 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ़ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है. जाप नेता ने कहा कि नालंदा शराब का गढ़ है और यहां से ही पूरे बिहार में शराब की खेप पहुंचाई जाती है. पप्पू यादव ने मृतकों के परिजनों को पांच पांच हजार रुपये नगद दिए और खाते में 10-10 हजार रुपए देने की घोषणा की है.

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पूरे मामले के लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होने कहा कि शराबबंदी कानून पूरी तरह से फेल है. राजद प्रवक्ता ने कहा कि जहरीली शराब से मौत का ये कोई पहला मामला नहीं है. राज्य के दूसरे हिस्सों में भी इस तरह की घटनाएं होती रहती है लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है. उन्होने कहा कि बिहार में सत्ता के संरक्षण में शराब की होम डिलिवरी जारी है.

सरकार की सहयोगी पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा ने भी शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग की है. पार्टी प्रवक्ता दानिश रिज़वान ने कहा कि उनके नेता जीतनराम मांझी पहले ही अपना रूख साफ कर चुके हैं. जहरीली शराब की वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मौत की ख़बरें आती रहती है. सरकार इसे रोक पाने में अबतक असफल साबित हुई है. इसलिए नीतीश कुमार को इसे प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनाना चाहिए.
रिपोर्ट: रजनीश
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