कॉमरेड महेंद्र की शहादत दिवस पर पत्नी शांति देवी का अवसान

Giridih : बगोदर के विधायक विनोद सिंह की मां और शहीद महेंद्र सिंह की पत्नी शांति देवी का निधन हो गया. शांति देवी ने रविवार तड़के बोकारो में अपनी अंतिम सांस ली. शांति देवी  लंबे समय से डायबिटीज की मरीज थी.  यह संयोग ही है कि आज ही के दिन 16 जनवरी को वर्ष 2005 में शांति देवी के पति महेंद्र सिंह की शहादत हुई थी.

Henmant soren 22Scope Newsइस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टविट कर कर अपनी संवेदना प्रकट की है .

बता दें कि तत्कालीन बगोदर के विधायक महेंद्र सिंह की हत्या नक्सलियों ने की थी.  भाकपा माले के हजारों कार्यकर्ताओं आज शहादत दिवस पर कॉमरेड महेन्द्र के सपने और अधुरे संघर्ष को पूरा करने की शपथ लेने के लिए जुटे हुए थें. शोषक समहूों के जुल्मों सितम के खिलाफ आज उनके संधर्ष को याद कर रहे थें. राज्य सत्ता की बर्बरता और दमन के विरुद्ध उनके संधर्ष और शहादत को याद कर रहे थें. उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए  अपनी तैयारियों का जायजा ले रहे थें कि अचानक कॉमरेड महेन्द्र की पत्नी शांति देवी के अवसान की खबर आ गई.

इसके साथ ही बगोदर में शोक की लहर दाैड़ गई. भाकपा माले विधायक विनोद सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने मां के निधन की जानकारी साझा की.

यहां बता दें कि b9a95fa8 49e4 461f 921d c8755f06a733 22Scope Newsकॉमरेड महेंद्र सिंह पहली बार 1990 में गिरिडीह जिले के बगोदर विधानसभा क्षेत्र से आइपीएफ (अब भाकपा माले) के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे. उन्होंने साल 1995 और 2000 के विधानसभा चुनाव में भी जीत दर्ज कीथी.  16 जनवरी, 2005 को नक्सलियों ने महेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी. कॉमरेड महेन्द्र की लोकप्रियता का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि इनकी ह्त्य़ा के बाद बौद्धिक जगत में सन्नाटा छा गया था. खुद नक्सलियों ने बहुत दिनों तक इसमें अपनी भूमिका को छुपाये रखा.

2005 के विधानसभा चुनाव में महेंद्र सिंह के पुत्र विनोद सिंह विधायक निर्वाचित हुए. महेंद्र सिंह के शहादत दिवस पर हर साल बगोदर में भाकपा माले की ओर से कार्यक्रम  का आयोजन होता है. कोरोना के कारण इस बार छोटे स्तर पर कार्यक्रम की तैयारी थी.

इस बार के कार्यक्रम में खुद शांति देवी भी भाग लेना चाहती थी. लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने के कारण उन्हें बगोदर नहीं लाया जा सका. इस बीच शनिवार-रविवार की रात करीब दो बजे उनका निधन हो गया. शांति देवी की उम्र 65 वर्ष थी.  तबीयत खराब होने के बाद 27 दिसंबर को बीजीएच बोकारो में भर्ती कराया गया था. अस्पातल से 9 जनवरी को छुट्टी मिली थी.  वह बोकारो में अपनी बेटी के यहां रही थी और वहीं निधन हो गया. विधायक विनोद सिंह ने बताया कि मां शांति देवी का अंतिम संस्कार खंभरा ( बगोदर) गांव में होगा.

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रिपोर्ट : आशुतोष श्रीवास्तव

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