Hazaribagh : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ अब विश्वविद्यालय (विभावि) के शिक्षक और नाॅन टीचिंग स्टाफ को भी मिलेगा। इस दिशा में कुलपति प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा ने गंभीर पहल करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विश्वविद्यालय 31 मई से पहले राज्य सरकार को अपनी सहमति पत्र सौंपेगा।
झारखंड सरकार ने वर्ष 2023 में राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने संबंधी पत्र जारी किया था, लेकिन विभावि में स्थायी कुलपति नहीं होने के कारण इस पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी थी। अब प्रो. चंद्रभूषण शर्मा के कुलपति पद संभालने के बाद इस दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
कुलपति के निर्देश पर वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार, जो इस योजना के नोडल पदाधिकारी हैं, ने 22 मई को रांची में आयोजित कार्यशाला में भाग लिया और विश्वविद्यालय की ओर से पक्ष मजबूती से रखा। कार्यशाला में स्पष्ट किया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए पहले चरण में सभी विश्वविद्यालयों को 31 मई तक सहमति पत्र देना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर उनके शिक्षक और कर्मचारी इस योजना से वंचित रह जाएंगे।
Hazaribagh : दूसरे चरण में विश्वविद्यालय को अपने उन शिक्षकों और कर्मचारियों की सूची राज्य सरकार को देनी होगी, जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को ₹5,00,000 तक का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा, जिसका प्रीमियम ₹500 प्रतिमाह होगा और यह वेतन से काटा जाएगा।
इस बीमा योजना में आश्रित माता-पिता, पति/पत्नी, अविवाहित पुत्री और 25 वर्ष से कम आयु के पुत्र को भी ₹500 प्रीमियम में ₹5,00,000 तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इस योजना से विश्वविद्यालय के सैकड़ों कर्मचारियों और शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।


















