पूर्णिया : पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने बिहार चुनाव को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। पूर्णिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पप्पू ने अब बिहार में कांग्रेस को अकेले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) लड़ने की सलाह दे दी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस को बिहार एक विकल्प के तौर पर देख रहा है जो कि उनकी अपनी व्यक्तिगत राय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो भी निर्णय लेगी मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा। अगर बिहार की 13 करोड़ जनता को बचाना है तो कांग्रेस को अकेले आगे बढ़ना होगा। राहुल गांधी ईबीसी, ओबीसी, एसटी, एससी, संविधान और गरीबों की बात कर रहे हैं, उनकी ओर लोग उम्मीद से देख रहे हैं।

लालू और नीतीश पर बिना नाम लिए निशाना?
सांसद पप्पू यादव ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और सीएम नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 40 साल से ये लोग सिर्फ सियासत कर रहे हैं। अब नया रास्ता अपनाना चाहिए और कांग्रेस को अकेले बिहार में राजनीति करनी चाहिए।
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी पार्टी का कांग्रेस में किया था विलय
बता दें कि पप्पू यादव ने लोकसभा चुनाव के समय अपनी जन अधिकार पार्टी (JAAP) का कांग्रेस में विलय किया था, लेकिन तकनीकी रूप से वे कांग्रेस में शामिल नहीं हो पाए। हालांकि उन्होंने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया हुआ है। जिस तरह से वह कांग्रेस के बारे में कह रहे हैं कि पार्टी को अकेले बिहार चुनाव लड़ना चाहिए, उससे महागठबंधन में विवाद हो सकता है। बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी, सीपीआई, सीपीएम और सीपीआई (ML) शामिल हैं।
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कांग्रेस की तरफ से स्पष्ट किया जा चुका है कि वह महागठबंधन में रहकर ही चुनाव लड़ेगी
कांग्रेस की तरफ से स्पष्ट किया जा चुका है कि वह महागठबंधन में रहकर ही चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस अब भी तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार मानने को तैयार नहीं है। जबकि राजद की ओर से कई बार ऐलान किया जा चुका है कि तेजस्वी ही मुख्यमंत्री चेहरा होंगे। हालांकि कांग्रेस इस पर खुलकर कुछ नहीं कह रही है। तेजस्वी को महागठबंधन की को-ऑर्डिनेशन कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन औपचारिक रूप से उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। जबकि अबतक महागठबंधन की इस मुद्दे पर तीन बैठकें हो चुकी हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने महागठबंधन में 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 सीटें जीत पाई थी। अब ज्यादा सीटों की मांग को लेकर कांग्रेस लगातार राजद पर दबाव बना रही है।
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