बोकारो : बोकारो के बालीडीह क्षेत्र में गुरुवार को स्थानीय रैयतों का आक्रोश फूट पड़ा। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर उन्होंने ईस्टर्न इंडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य द्वार को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। आंदोलन की अगुवाई भाजपा बालीडीह मंडल अध्यक्ष अविनाश सिंह कर रहे हैं। रैयतों ने चेतावनी दी कि जब तक स्थानीयों को हक नहीं मिलेगा, तब तक ताला यूं ही बंद रहेगा।
रैयतों का आरोप है कि कंपनी लगातार वादाखिलाफी कर रही है। तीन माह पहले भी इसी मुद्दे को लेकर फैक्ट्री गेट पर धरना हुआ था, जिसमें प्रशासन ने 25 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक कंपनी की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
पूर्व में सीमेंट उत्पादन करनेवाली यह कंपनी अब इथेनॉल निर्माण कर रही है। रैयतों का कहना है कि उत्पादन प्रक्रिया से आसपास के इलाके में भयंकर दुर्गंध फैल रही है और रासायनिक प्रदूषण के कारण जीव-जंतु और वनस्पतियां प्रभावित हो रही हैं। इससे स्थानीय जनजीवन भी संकट में है।
आंदोलनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कंपनी प्रबंधन को चेताया कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। मौके पर लेबर कमिश्नर रंजीत कुमार और बालीडीह थाना प्रभारी नवीन कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे और वार्ता की कोशिश की, लेकिन रैयत अपनी मांगों पर अडिग रहे।
स्थानीय लोग चाहते हैं कि उन्हें रोजगार, मुआवजा और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में ठोस आश्वासन मिले, अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा।



















