एक स्कूल ऐसा भी: कक्षा तो है भवन नहीं, पेड़ के नीचे बैठ कर पढ़ते हैं छात्र

दरभंगा: एक तरफ बिहार में सरकार बेहतर बुनियादी शिक्षा व्यवस्थाओं के दावे करती है तो दूसरी तरफ दरभंगा में एक स्कूल सारी सरकारी व्यवस्थाओं को मुंह चिढ़ाने के लिए काफी है। दरभंगा में एक विद्यालय ऐसा है जिसका आज तक अपना भवन नहीं बन सका और छात्र पेड़ के नीचे बैठ कर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। जब धूप होती है तो छात्र पेड़ के छांव खोजते हैं और जब बारिश होती है तो घर भागते हैं।

यह विद्यालय है दरभंगा के हनुमाननगर प्रखंड के गोदियारी गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय लिवाटोल। इस विद्यालय की कहानी वर्षो पुरानी है जहां आज तक भवन नहीं बन सका। यहाँ न तो क्लासरूम है, न ही ब्लैकबोर्ड और न ही बेंच। बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते हैं। ब्लैकबोर्ड के लिए विशाल पीपल के पेड़ के चारों ओर सीमेंट के चबूतरे पर कोटिंग की गई है। स्कूल में बारी बारी से एक से लेकर पांच क्लास तक को शिक्षक पढ़ाते हैं।

स्कूल में कुल छ शिक्षक है जिसमें चार बीपीएससी से चयनित शिक्षक एवं दो नियोजित शिक्षक है। जानकारी के अनुसार 2003 में जब राजद कि सरकार थी तब अति पिछड़ा क्षेत्र के बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए लोक शिक्षा केन्द्र नामक एक प्रयास कि शुरुआत की गई थी जिसमें सरकार की सोच थी जो अति पिछड़ा के बच्चों को शिक्षित किया जाय। फिर तीन साल बाद 2006 में प्राथमिक विद्यालय में मर्ज किया गया था लेकिन शुरू से ही विद्यालय का अपना भवन नहीं रहा‌।

स्कूल के प्रधानाचार्य ने 2006 से कई बार सरकार एवं जिल प्रशासन से इमारत के लिए गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन मिला है। ग्रामीणों ने 2016 में सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए लोक शिकायत भी दर्ज कराई थी। हाल ही में 19 मई को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अंचल पदाधिकारी को भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। यह इलाका जदयू विधायक और बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी का है। इस स्कूल की हालत शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर दिखाती है। “यहाँ किताबें खुलती है लेकिन छत नहीं। बच्चे पढ़ते हैं, बारिश हो तो घर भागो”।

स्कूल की पांचवी कक्षा की छात्रा अंजली कुमारी ने बताई की जब बारिश होती है तो घर जाना पड़ता है और तेज धूप में पेड़ के छांव में पढ़ाई करने को मजबूर है। हम लोगो की भी इच्छा है कि स्कूल का अपना भवन हो जहाँ हम लोग बैंच डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करें। कुछ दिन पहले की बात है जब हम लोग बैठकर पढ़ रहे थे, तभी मेरी सहेली के ऊपर पेड॒ की डाली टूट कर गिर गई थी।

वहीं स्कूल की छात्रा रानी कुमारी ने कहा कि हमलोग जब से स्कूल में पढ़ाई करने आयें है तो पेड़ के नीचे जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई कियें। हम लोगो की इच्छा है कि स्कूल का अपना भवन हो जहाँ हम लोग अच्छे से पढ़ाई कर सकें। वहीं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुरेश प्रसाद सिंह  ने इस संबंध में जानकारी देते हुये कहा कि दुख कि है पेड़ के नीचे विद्यालय चल रहा है। यह नहीं होना चाहिए था लेकिन अब जमीन उपलब्ध हो रहा है विभागीय प्रक्रिया चल रही है। सरकार से अब बस यहीं मांग है जो जल्द से जल्द फंड मुहैया कर दे जो स्कूल का भवन बन जाय।

वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्णनंदन सदा ने कहा कि आप लोगो के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है। दरअसल स्कूल निर्माण के लिए दो बार फंड जा चुका है, लेकिन किसी कारण से नहीं बन सका है जल्द ही समुचित व्यवस्था की जायेंगी।

https://www.youtube.com/@22scopestate/videos

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दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट

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