मेहनत ही सफलता की चाबी है – झारखंड उद्योग निदेशक विशाल सागर ने टूल रूम समारोह में युवाओं को किया प्रेरित

रांची:झारखंड उद्योग निदेशक विशाल सागर ने टूल रूम समारोह में युवाओं को किया प्रेरित – झारखंड सरकार के उद्योग विभाग के निदेशक  विशाल सागर ने कहा है कि “मेहनत ही वह चाबी है जो कठिन राहों को आसान बनाती है। कोशिशों के बिना सफलता की दिशा में एक कदम भी बढ़ाना मुमकिन नहीं।” वे झारखंड गवर्नमेंट टूल रूम में आयोजित प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को परिश्रम, लक्ष्य निर्धारण और सतत प्रयास के महत्व को रेखांकित किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योग निदेशालय के संयुक्त निदेशक प्रणव कुमार पाल समारोह में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग, झारखंड सरकार द्वारा प्रायोजित मशीनिस्ट कोर्स के 63 छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न डिप्लोमा कॉलेजों के करीब 50 विद्यार्थियों को एडवांस इंडस्ट्रियल प्रैक्टिकल प्रोग्राम इन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कोर्स की सफल इंटर्नशिप पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

रोजगार से जोड़ी सफलता की डगर

कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि मशीनिस्ट कोर्स के सभी प्रतिभागियों का चयन प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयों में हुआ। चयनित कंपनियों में अर्पणा डाइस एंड मोल्ड (गुरुग्राम), क्रॉस, मल्टीटेक ऑटो लिमिटेड, पीसीपीएल (सभी जमशेदपुर स्थित) तथा मंगलम प्लास्टिक (रांची) शामिल हैं। मुख्य अतिथि विशाल सागर ने चयनित विद्यार्थियों को नियुक्ति-पत्र भी प्रदान किए।

संस्थान का भ्रमण और प्रशंसा

समारोह की शुरुआत में अतिथियों को टूल रूम परिसर का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की सराहना की। इसके बाद प्राचार्य महेश कुमार गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सभी अतिथियों का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

उद्योग–शिक्षा का सेतु बना टूल रूम

प्राचार्य श्री गुप्ता ने अपने अभिभाषण में बताया कि टूल रूम न केवल प्रशिक्षण प्रदान करता है, बल्कि यह उद्योगों और छात्रों के बीच सेतु की तरह कार्य कर रहा है। इससे युवाओं को व्यावसायिक दुनिया में प्रवेश का मार्ग मिल रहा है।

कार्यक्रम का संचालन  मंगल टोप्पो ने किया जबकि समापन भाषण वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री आशुतोष मिश्रा ने दिया। इस अवसर को सफल बनाने में पुर्नेदु पंकज, कमलकांत, गौरव प्रियदर्शी और कुमार अभिनाश की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

यह आयोजन झारखंड में कौशल विकास और रोजगार की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ, जिसने न केवल युवाओं को सशक्त किया, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की नई ऊर्जा भी दी।

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