पटना : एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) ने डिजिटल पेमेंट को और आसान बना दिया है। अब आप चंद मिनटों में ही कहीं भी बैठकर किसी को भी पेमेंट कर सकते हैं। यूपीआई आने के बाद अब लेनदेन के लिए हमें कैश की जरूरत नहीं। ये सिर्फ पेमेंट का जरिया नहीं, बल्कि हमारी जरूरत बन चुका है। ये नए नियम एक अगस्त से लागू होंगे। एक अगस्त यानी तीन दिन बाद ही यूपीआई में कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं। इनके बारे में आपका जानना बेहद जरूरी है।

बैलेंस चेक लिमिट
यूजर्स अब तक जितनी बार चाहें, उतनी बार बैंक खाते का बैलेंस या कितने पैसे हैं, वे चेक कर पाते थे। लेकिन अब इसमें एक लिमिट तय की गई है। एक अगस्त से एक यूजर एक दिन में केवल 50 बार ही बैलेंस चेक कर पाएगा। ये लिमिट इसलिए रखी गई है, ताकि अन्य जरूरी पेमेंट करते वक्त सर्वर पर दबाव न पड़े। सरकार ने आम आदमी के लिए बड़ा फैसला किया है। वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में साफ कर दिया कि दो हजार रुपए से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर जीएसटी लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह खबर उन लोगों के लिए राहत की बात है जो रोजमर्रा के लेनदेन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं।
यह भी देखें :
क्या-क्या बदल जाएगा?
1. बैलेंस चेक लिमिट
2. एक ऐप में बैंक खाता चेक करना
3. ऑटेपे तय समय पर ही
4. पेमेंट स्टेटस चेक करने में लिमिट
5. पेमेंट रिवर्सल में लिमिट
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