दलालों की चक्कर में परिवार, गर्भवती महिला की मौत

बेतिया/औरंगाबाद : बड़ी खबर बेतिया से हैं जहां दलालों की चक्कर में पड़ कर एक गर्भवती महिला की मौत हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि बेतिया में आए दिन किसी न किसी क्लिनिक में मरीजों की जान जाती तो हैं लेकिन किसी भी डॉक्टर या नर्सिंग होम पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होती हैं। ताजा मामला बेतिया हॉस्पिटल रोड़ की हैं जहां एक निजी क्लिनिक में गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और बवाल काटा।

घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 की गाड़ी घटनास्थल मामले की जानकारी नगर थाने को दी। जानकारी मिलते ही नगर थाना की पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेज दिया।

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गर्भवती महिला की मौत – आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप

इधर, क्लिनिक परिसर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और आक्रोशित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया। घटना नगर थाना क्षेत्र के मित्र चौक ( महावीर चौक) स्थित न्यू पारस अस्पताल की है। बताते चलें कि नगर क्षेत्र हॉस्पिटल रोड़ में इस प्रकार की घटनाएं आम बात हो गई है। बिहार सरकार एवं जिला स्वास्थ्य विभाग इस मामले में पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। जिसके कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही है।

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गर्भवती महिला को इलाज करने के लिए सुबह 10 बजे हॉस्पिटल में लाया गया

गर्भवती महिला को इलाज करने के लिए सुबह 10 बजे हॉस्पिटल न्यू पारस में लाया गया। उसके बाद महिला को एडमिट कर इलाज शुरू कर दिया गया। गर्भवती महिला ओपेशन करने की कवायत चल रही थी कुछ इंजेक्शन दिया गया तभी गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया। आनन-फानन में मृत महिला को रेफर कर डॉ. क्लिनिक में ताला बंद कर फरार हो गया। मृत महिला की पहचान लौरिया थाना क्षेत्र सूअर छापर निवासी चंदन कुशवाहा की पत्नी रश्मि कुमारी के रूप में हुई है।

सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत

औरंगाबाद सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिजौली बसडीहा गांव निवासी रामकरण पासवान के रूप में की गई है। मरीज की मौत के बाद रात्रि दस बजे नशे में धुत मरीज के परिजन पहुंचे और ब्लड नहीं मिलने पर हुई मौत का आरोप लगाते हुए ब्लड बैंक में कार्यरत कर्मी रवि मिश्रा की पिटाई कर दी। परिजनों के द्वारा पिटाई किए जाने के दौरान सदर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

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सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत

घटना की सूचना मिलते ही कई अधिकारी मौके पर पहुंचे

आपको बता दें कि इस दौरान सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मी, नगर थाना के एसआई गोपाल कुमार, सुनील कुमार, मो. अख्तर सहायक अवर निरीक्षक के बी यादव एवं अन्य ब्लड बैंक के कर्मियों के पहुंचने पर मामले को नियंत्रित किया गया। इस दौरान काफी देर तक सदर अस्पताल हंगामे का गवाह बना रहा। घटना के बाद आक्रोशित हुए ब्लड बैंक की कर्मी कारवाई की मांग करते हुए ब्लड बैंक को बंद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सदर अस्पताल में ब्लड बैंक संचालित कर रही रेडक्रॉस के चेयरमैन सतीश कुमार सिंह और सचिव दीपक कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर पुलिस प्रशासन से ऐसे असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी की मांग की।

मरीज के परिजन ब्लड बैंक पहुंचे और मरीज को चढ़ाने के लिए ब्लड की मांग की – लैब टेक्नीशियन

बुधवार की सुबह साढ़े छह बजे लैब टेक्नीशियन अमित कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को मरीज के परिजन ब्लड बैंक पहुंचे और मरीज को चढ़ाने के लिए ब्लड की मांग की। लेकिन ब्लड देने वाला डोनर अनफिट पाया गया। परिजनों से दूसरे डोनर के लिए कहा गया। मगर वे फिर दुबारा नहीं आए और रात्रि में मरीज की मौत के बाद ब्लड नहीं देने की बात कहकर ड्यूटी में रहे रवि मिश्रा की जमकर पिटाई कर दी। इधर, इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार रामकरण पासवान को इलाज के लिए सोमवार को सदर अस्पताल लाया गया था। मगर उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजन मरीज को लेकर रोहतास के नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल चले गए। लेकिन वहां से पुनः सदर अस्पताल पहुंचे जहां उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। चिकित्सकों ने पूर्व में किए गए रेफर का हवाला देते हुए उन्हें हायर सेंटर जाने को कहा क्योंकि मरीज का फीवर 105 डिग्री से नीचे नहीं आ रहा था। ऐसी स्थिति में ब्लड चढ़ना संभव नहीं था। लेकिन परिजन मरीज को लेकर कही नहीं गए और उनकी मौत हो गई।

ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन के साथ बात की और उनके साथ हुए मारपीट की घटना की जानकारी ली – सदर अस्पताल उपाधीक्षक

इधर, इस मामले को लेकर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह ने ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन के साथ बात की और उनके साथ हुए मारपीट की घटना की जानकारी ली। अस्पताल में प्रतिनियुक्त पुलिसकर्मी और गार्ड पर इस घटना को लेकर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल लैब टेक्नीशियन प्राथमिकी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े हुए है और काम बंद कर दिया है।

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दीपक कुमार और रुपेश कुमार की रिपोर्ट

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