झारखंड में ‘नगरपालिका पथ कर नियमावली-2025’ लागू होगी। अब सभी नगर निकाय कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूलेंगे और सड़क सेवाओं को बेहतर बनाएंगे।
रांची: झारखंड सरकार ने नगर निकायों की आय बढ़ाने और सड़क सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी नगर निकाय – चाहे नगर निगम हों, नगर परिषद हों या नगर पंचायत – कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूल सकेंगे। इसके लिए ‘झारखंड नगरपालिका पथ कर नियमावली-2025’ लागू की जा रही है।
Key Highlights
झारखंड सरकार लाई ‘नगरपालिका पथ कर नियमावली-2025’
सभी नगर निकायों को कमर्शियल वाहनों से टैक्स वसूलने का अधिकार
नियमावली का प्रारूप 1 सितंबर को जारी, 1 अक्तूबर तक आपत्ति-सुझाव मांगे गए
अधिनियम-2011 की धारा 152 (1)(ठ) के तहत नियमावली लागू होगी
निकाय क्षेत्रवार जोन में सर्वेक्षण कर सुरक्षित जमा तय करेंगे
उपायुक्त की अनुमति के बाद टेंडर के जरिए टैक्स वसूली शुरू होगी
सरकार का दावा, पारदर्शिता बढ़ेगी और सड़क सेवाएं होंगी बेहतर
नगर विकास विभाग ने इस नियमावली का प्रारूप 1 सितंबर को जारी किया है और इस पर आम लोगों से 1 अक्तूबर तक आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह नियमावली झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 की धारा 152 (1)(ठ) के तहत लाई जा रही है।
नए नियमों के तहत, नगर निकाय अपने क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर वहां पर कमर्शियल वाहनों के परिचालन का सर्वेक्षण कराएंगे। इस सर्वेक्षण के आधार पर प्रत्येक जोन के लिए सुरक्षित जमा राशि तय की जाएगी, जिसे संबंधित जिले का उपायुक्त अनुमोदित करेगा। इसके बाद नगर निकाय प्रत्येक जोन में टैक्स वसूली के लिए टेंडर जारी करेंगे।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से टोल टैक्स की वसूली पारदर्शी होगी, अवैध वसूली पर रोक लगेगी और सड़क सेवाओं में गुणात्मक सुधार आएगा। इससे नगर निकायों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नगर निकायों के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ सड़कों के रखरखाव और नई परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ाएगा।


















