रांची. केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के जनसंचार विभाग द्वारा आज दूरदर्शन का स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर दिवाकर कुमार, सहायक निदेशक, दूरदर्शन केंद्र रांची ने “विकसित भारत के लिए सार्वजनिक प्रसारण” विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में दिवाकर कुमार को शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि दूरदर्शन देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रसारक है, जो शिक्षा, कृषि, शोध, अंतरिक्ष कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं और ऑपरेशन सिंदूर जैसी पहलों की जानकारी आम जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि दूरदर्शन हाल के वर्षों में कई नई पहल कर रहा है। इनमें WAVES OTT प्लेटफ़ॉर्म, जो आकाशवाणी और दूरदर्शन की सामग्री को निःशुल्क डिजिटल रूप से उपलब्ध कराता है, तथा विश्व ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक मीडिया एवं मनोरंजन केंद्र बनाना है। उन्होंने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” जैसे जनस्वास्थ्य अभियानों, 8वें पोषण माह और रक्षा बलों के साथ समन्वय की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर प्रो. देवव्रत सिंह, अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष ने दूरदर्शन के इतिहास पर अपने विचार साझा किए और हम लोग धारावाहिक, 1992 में पहले निजी चैनल ज़ी टीवी zee tv की शुरुआत तथा मन की बात जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। वहीं, सहायक प्रोफेसर डॉ. अमरेन्द्र कुमार ने दूरदर्शन दिवस के महत्व पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अमृत कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने दिवाकर कुमार के सारगर्भित व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों डॉ. सुदर्शन यादव, डॉ. राजेश कुमार एवं डॉ. रश्मि वर्मा का विशेष धन्यवाद दिया।


