रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि “कैबिनेट में जितनी चर्चा होती है, उतना ही निष्कर्ष निकलता है।”
कैबिनेट मीटिंग के बाद सीएम हेमंत सोरेन बोले
बैठक में सारंडा जंगल को लेकर खासतौर पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले को देखते हुए यह मुद्दा कैबिनेट एजेंडे में अहम रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सारंडा क्षेत्र में रहने वाले आदिवासियों और वनवासियों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा, “यह सहमति बनी है कि सारंडा क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय नहीं होगा, उन्हें उनके क्षेत्र से बेघर या विस्थापित नहीं किया जाएगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि वन अधिकार कानून को पूरी तरह संरक्षित रखा जाएगा और राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ इन लोगों को मिलता रहेगा। “वे जैसे सैकड़ों वर्षों से जंगलों में जीवन जीते आए हैं, वैसे ही जीते रहें,” सीएम ने कहा।
बिहार चुनाव और घाटशिला सीट को लेकर बयान
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम ने कहा कि इस पर भी बहुत जल्द चर्चा होगी। वहीं झारखंड की घाटशिला विधानसभा सीट को लेकर उन्होंने कहा कि “सबको पता है, वहां से कौन उम्मीदवार होगा।” बीजेपी की उम्मीदवारों की सूची और उसके चुनावी अभियान पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा, “जिसके पास संसाधन हैं और लोग हैं, वही उतना कर रहे हैं। लेकिन चूहा कभी हाथी नहीं बन सकता, और हाथी कभी चूहा नहीं बन सकता।”


















