नक्सल उन्मूलन में झारखंड पुलिस की वीरता को सम्मान : IPS अमोल होमकर समेत 14 अधिकारी-कर्मी को केंद्रीय गृह मंत्रालय दक्षता पदक

Ranchi: झारखंड पुलिस की वीरता और रणनीतिक कौशल को एक बार फिर देशभर में बड़ा सम्मान मिला है। नक्सल उन्मूलन अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले IPS अमोल वेणुकांत होमकर को केंद्रीय गृह मंत्रालय दक्षता पदक (Union Home Minister’s Medal for Excellence in Investigation and Special Operations) से सम्मानित किया गया है। अमोल होमकर के साथ-साथ झारखंड पुलिस के अन्य 13 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को भी इस प्रतिष्ठित पदक से नवाजा गया है।

पदकों का ऐलान सरदार पटेल जयंती पर:

केंद्रीय गृह मंत्रालय हर साल 31 अक्टूबर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर इस पदक की घोषणा की जाती है। यह पदक उन पुलिसकर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने विशेष अभियानों, जांच, और फोरेंसिक विज्ञान में असाधारण सेवा और दक्षता प्रदर्शित की हो।

इन अधिकारियों और कर्मियों को मिला सम्मान:

  1. आईपीएस अमोल वेणुकांत होमकर
  2. आईपीएस माइकल राज
  3. आईपीएस इंद्रजीत महता
  4. आईपीएस सुरेंद्र कुमार झा
  5. आईपीएस मनोज स्वर्गियरी
  6. डिप्टी कमांडेंट मिथिलेश कुमार
  7. सब इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार
  8. सब इंस्पेक्टर मंटू कुमार
  9. कांस्टेबल दीनबंधु शेखर
  10. कांस्टेबल पारस कुमार वर्मा
  11. कांस्टेबल विकास कर्मकार
  12. कांस्टेबल भागीरथ रजवार
  13. कांस्टेबल शिवनंदन हांसदा
  14. कांस्टेबल अजय मेहता

जनवरी 2025 में शुरू हुआ था बड़ा अभियानः

साल 2025 की शुरुआत में झारखंड पुलिस ने नक्सल उन्मूलन को लेकर विशेष रणनीति के तहत एक बड़ा अभियान शुरू किया था। अप्रैल 2025 में इस अभियान ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की जब एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक समेत आठ नक्सली ढेर कर दिए गए। यह झारखंड के नक्सल इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा एकल अभियान माना गया। इस ऑपरेशन की सफलता के बाद राज्य पुलिस से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय तक में इसे लेकर गर्व और संतोष की भावना देखी गई थी।

अमोल होमकर की रणनीति बनी सफलता की कुंजीः

इस ऐतिहासिक अभियान के पीछे झारखंड के तीन IPS अफसरों की महीनों की मेहनत थी। इनमें तत्कालीन आईजी अभियान अमोल होमकर की भूमिका निर्णायक रही। जनवरी में बोकारो के लुगु पहाड़ में पुलिस ने दो माओवादियों को मार गिराया था और 15 लाख के इनामी रणविजय महतो को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 20 अप्रैल 2025 को झुमरा और पारसनाथ के जंगलों में पुलिस ने जबरदस्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें आठ नक्सलियों का सफाया हुआ। इनमें कई वांछित और इनामी माओवादी शामिल थे।

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