पटना : बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक व चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आज यानी 18 नवंबर को थोड़ी देर पहले प्रेस कांफ्रेंस किया। बता दें कि उनकी पार्टी 243 सीटों में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ी थी लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाए। यहां तक उनकी पार्टी को कई सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। इसी को लेकर प्रशांत किशोर ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमने कभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भ्रष्टाचारी नहीं कहा था हमने मंत्रियों का भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने नई सरकार को लेकर कहा कि मंत्रिमंडल भ्रष्टाचारी मुक्त बने।
प्रशांत ने बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी को मिली हार की जिम्मेवारी खुद पर ली
जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आज पाटलिपुत्र स्थित कैंप कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी को मिली हार की जिम्मेवारी खुद पर ली। कहा कि हमलोग व्यवस्था परिवर्तन नहीं कर सके। हमारी सोच में कुछ गलती हुई होगी। यह जिम्मेवारी मेरी है और मैं खुद इसे स्वीकार करता हूं। जीतने वालों को बधाई देते हैं। हमारे लिए यह आत्मचिंतन का समय है। जिन लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सके, उनसे क्षमा मांगते हैं। साथ ही प्रायश्चित के तौर पर 20 तारीख को भीतिहरवा आश्रम में एक दिन का सामूहिक उपवास रखेंगे।

चुनाव में हमें वोट नहीं मिला, लेकिन वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है – प्रशांत किशोर
साथ ही कहा कि चुनाव में हमें वोट नहीं मिला, लेकिन वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है। हमने कुछ गुनाह नहीं किया है। बिहार में जहां सिर्फ़ जाति-धर्म की राजनीति होती है, वहां हमने मुद्दों की राजनीति की है। इस बार भी जो ऐसा करके जीते हैं, अब उन्हें हिसाब देना ही होगा। उन्होंने अपने राजनीति छोड़ने वाले बयान पर किए गए पत्रकारों के सवाल का जवाब भी दिया। कहा कि महाभारत में पांडवों के साथ भगवान थे फिर भी अभिमन्यु को घेरकर मार दिया गया। लेकिन फिर भी अभिमन्यु को मारने वालों की जीत नहीं हुई। जीत आखिरकार पांडवों की ही हुई। मैं बिहार छोड़नेवाला नहीं हूं। तीन साल में जितनी मेहनत किए हैं उससे दुगुनी मेहनत करेंगे। पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
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प्रशांत ने साथ ही सरकार द्वारा चुनाव के दौरान स्वरोजगार के लिए रुपए बांटे जाने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी
प्रशांत किशोर ने साथ ही बिहार सरकार द्वारा चुनाव के दौरान स्वरोजगार के लिए रुपए बांटे जाने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार ही नहीं, देश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने जनता के करीब 40 हजार करोड़ रुपया खर्च करने का बड़ा वादा किया है। लोगों ने इसके लिए ही उन्हें वोट दिया है। हर विधानसभा में 60-62 हजार महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपया दिया गया। पूरा सरकारी तंत्र लगाया गया और बताया गया कि सरकार जीती तो आगे दो लाख रुपया भी मिलेगा। जीविका दीदियों, ममता-आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा 29 हजार करोड़ रुपया बांटा गया है। अब सरकार से आग्रह है कि जिन डेढ़ करोड़ महिलाओं को दो लाख देना है उन्हें अगले छह महीने में दे दीजिए, नहीं तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि आपने उन्हें योजना के तहत नहीं बल्कि वोट खरीदने के लिए पैसा दिया है।

नीतीश कुमार की सरकार ने अगर वोट नहीं खरीदा है तो वो छह महीने में इन्हें 2-2 लाख दे दें – प्रशांत
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार ने अगर वोट नहीं खरीदा है तो वो छह महीने में इन्हें दो-दो लाख रुपए दे दें। हमने कहा था और उन्हें 25 से ज्यादा सीटें नहीं आनी थी लेकिन पैसा बांटकर वोट खरीदा गया है। अब अगले छह महीना में इन्हें रुपया दीजिए नहीं तो हम 9121691216 नंबर जारी कर रहे हैं। जिन लोगों को अगले छह महीना में यह दो लाख रुपया नहीं मिलता है, वो कॉल कर बताइए। हम आपलोगों के साथ सरकारी ऑफिसों में चलेंगे। आपकी लड़ाई जारी रखेंगे। इस दौरान प्रेस कांफ्रेंस में जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, वरिष्ठ नेता व कुम्हरार से उम्मीदवार रहे प्रो केसी सिन्हा, वरिष्ठ वकील व मांझी से उम्मीदवार रहे वाईवी गिरी, विधान पार्षद अफाक आलम, प्रदेश महासचिव किशोर कुमार, वरिष्ठ नेता सुभाष सिंह कुशवाहा, रामबली सिंह चंद्रवंशी, विनीता मिश्रा और प्रदेश मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान समेत कई नेता मौजूद रहे।
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स्नेहा राय की रिपोर्ट
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