Jharkhand Excise Policy Audit Delay: CAG Performance Audit शुरू नहीं, फाइलों पर ACB–Department का Tug of War

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झारखंड में उत्पाद नीति पर CAG के परफॉर्मेंस ऑडिट की प्रक्रिया फाइल न मिलने से अटकी। ACB और विभाग के बीच खींचतान से राजस्व समीक्षा अधर में।


Jharkhand Excise Policy Audit Delay रांची: झारखंड की उत्पाद नीति और राजस्व वसूली पर देश के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा अनुमोदित परफॉर्मेंस ऑडिट पांच महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका है। जून 2025 में स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीद थी कि अगस्त से ऑडिट प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। लेकिन विभागीय विलंब, दस्तावेजों की कमी और ACB तथा उत्पाद विभाग के बीच फाइलों को लेकर चल रही खींचतान ने पूरे ऑडिट को अनिश्चितता में डाल दिया है।


Key Highlights

  • CAG की मंजूरी के पाँच माह बाद भी Excise Policy का Performance Audit शुरू नहीं हो पाया

  • ACB और उत्पाद विभाग के बीच फाइल उपलब्ध कराने को लेकर खींचतान

  • जुलाई 2025 से Entry Conference और दस्तावेजों को लेकर लगातार देरी

  • 2014–2022 की फाइलें ACB में होने का हवाला

  • ऑडिट टीम को ACB ने कहा कि अनुसंधान चल रहा है, इसलिए फाइलें नहीं दी जा सकतीं


Jharkhand Excise Policy Audit Delay:फाइलों को लेकर चल रहा है ‘लुकाछिपी’ का खेल

जुलाई 2025 में होने वाला Entry Conference भी समय पर नहीं हो सका। यह बैठक सितंबर में हुई, जिसमें उत्पाद विभाग ने बताया कि 2014 से 2022 तक की सभी फाइलें ACB अपने साथ ले गई है। यह वही अवधि है जिसमें कई बार उत्पाद नीति बदली गई और जिसकी प्रभावशीलता का ऑडिट किया जाना है।

सरकारी दबाव के बाद उत्पाद विभाग ने ACB को पत्र लिखकर फाइलें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। जवाब में ACB ने कहा कि दस्तावेज संवेदनशील जांच का हिस्सा हैं, इसलिए ऑडिट टीम को ACB दफ्तर में बैठकर ही निरीक्षण करना होगा। उत्पाद विभाग ने यह पत्र आगे बढ़ाते हुए PAG को कार्रवाई करने को कहा।

लेकिन पिछले सप्ताह जब ऑडिट टीम ACB कार्यालय पहुंची, तो उन्हें यह कहते हुए फाइलें नहीं दी गईं कि अभी अनुसंधान जारी है और दस्तावेज ऑडिट के लिए जारी नहीं किए जा सकते। इसके बाद ऑडिट की शुरुआत एक बार फिर अधर में लटक गई।

Jharkhand Excise Policy Audit Delay: राजस्व वसूली की स्थिति लक्ष्य से लगातार कम प्रदर्शन

बीते दस वर्षों में लक्ष्य और वसूली के बीच खाई कई बार चौड़ी हुई। 2019-20 में राज्य ने 2009 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली की थी, लेकिन ज्यादातर वर्षों में लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। नीचे तालिका देखें:

Jharkhand Excise Policy Audit Delay: PAG का पत्र और नई नीति की समयसीमा

रांची PAG ने जून 2025 में उत्पाद सचिव को पत्र भेजते हुए अगस्त से ऑडिट शुरू करने को कहा था। साथ ही 31 अगस्त 2025 तक खुदरा दुकानों के बंदोबस्त की प्रक्रिया पूरी करने की भी आवश्यकता बताई गई थी। लेकिन विभागीय देरी और दस्तावेजों के अभाव में कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।

Jharkhand Excise Policy Audit Delay: ACB अधिकारी का जवाब

ACB की एक अधिकारी ने कहा कि महत्वपूर्ण अनुसंधान चल रहा है और इसी कारण फाइलें ऑडिट टीम को उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उत्पाद विभाग को विस्तृत पत्र भेजा जा रहा है।

झारखंड की उत्पाद नीतियों का ऑडिट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन्हीं नीतियों से राज्य के राजस्व पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन विभागीय प्रक्रियाओं में देरी, जांच एजेंसियों के साथ तालमेल की कमी और दस्तावेजों की अनुपलब्धता ने पूरे ऑडिट को मुश्किल में डाल दिया है। आने वाले दिनों में फाइलों को लेकर बन रही स्थिति ही तय करेगी कि यह परफॉर्मेंस ऑडिट आगे बढ़ पाएगा या नहीं।

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