18वीं विधानसभा को लेकर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने की बैठक, सत्र के शांतिपूर्ण संचालन को लेकर बनी रणनीति
22 Scope News desk : बिहार विधानसभा की 18 वीं बैठक की तैयारियों को लेकर बिहार विधान सभा के मुख्य भवन स्थित वाचनालय में उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने की। इस बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग और टेक्निकल सपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि सत्र सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके।

संसदीय कार्यमंत्री ने सफल संचालन का जताया भरोसा
इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार की ओर से भरोसा दिलाया कि सत्र के सफल संचालन के लिए सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि नई विधानसभा के पहले सत्र के दौरान किसी भी नवनिर्वाचित सदस्य को कोई परेशानी न हो, इसकी विशेष निगरानी की जाएगी।
बैठक में गृहविभाग के सचिव, एडीजी, आईपीआरडी निदेशक, जिलाधिकारी पटना सहित कई अधिकारी मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह, आईएंडपीआरडी निदेशक वैभव श्रीवास्तव, भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव शिव रंजन, डीएम डॉ. त्यागराजन एस एम, एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीणा तथा विधान परिषद एवं विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि आगामी सत्र सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि नई सरकार की प्रशासनिक दक्षता का पहला बड़ा परीक्षण रहेगा।

पांच दिन का होगा विधानसभा सत्र
गौरतलब हो कि कल सबसे पहले नव निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण होगा। उसके बाद दो दिसंबर को अध्यक्ष का चुनाव होगा। वहीं तीन दिसंबर को संयुक्त सत्र को माननीय राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण होगा । 5 दिसंबर को अनुपूरक बजट पर सदन में चर्चा होगी और विनियोग विधेयक पेश किया जायेगा।
विनियोग विधेयक से संचित निधि से खर्च की मिलती है अनुमति
दरअसल विनियोग विधेयक वैसा विधेयक है जिस पर दोनों सदनों में चर्चा के बाद राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिये भेजा जाता है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद राज्य की संचित निधि से खर्च की अनुमति मिलती है।
ये भी पढ़े : मधेपुरा में अतिक्रमण हटाने के नाम पर अधिकारी के बिगड़े बोल, पाकिस्तान जाने की सलाह वाला बयान हुआ वायरल
Highlights

