रांची में हाईकोर्ट जस्टिस की जमीन फर्जी दस्तावेज़ के आधार पर बेचने का मामला सामने आया। 6 लोगों पर FIR, जांच में कागजात नकली पाए गए।
Ranchi Land Fraud Case रांची. राजधानी में जमीन घोटालों की श्रृंखला के बीच एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर हाईकोर्ट के एक जस्टिस और उनके भतीजे के हिस्से की जमीन कथित रूप से बेच दी गई। मामले में सोमवार को लालपुर थाना में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिकायत नॉर्थ मार्केट के निवासी और पीड़ित अनिल कुमार नाथ ने दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जो लालपुर क्षेत्र में 66 कट्ठा है (खाता संख्या 136, प्लॉट 1256), में से उनके हिस्से की 22 कट्ठा जमीन वर्ष 1996 में विधिवत बेच दी गई थी। हालांकि शेष जमीन, जो उनके चाचा और जस्टिस के हिस्से की है, उसे साजिश के तहत नकली दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।
Key Highlights
हाईकोर्ट के जस्टिस और उनके भतीजे की जमीन फर्जी दस्तावेज़ से बेच दी गई
लालपुर थाने में 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का आरोप
जमीन 66 कट्ठा थी, जिसमें से 22 कट्ठा पहले बेची जा चुकी थी
बीडीओ कोर्ट के नाम पर फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने का आरोप
जांच में उप-समाहर्ता द्वारा दस्तावेज़ फर्जी सिद्ध
Ranchi Land Fraud Case: कौन हैं आरोपी?
एफआईआर में छह लोगों को नामजद किया गया है:
सुभाष भंडारी
षष्टी भंडारी
अशोक विश्वकर्मा
रिपुंजय प्रसाद सिंह
राजीव चौधरी
राजेंद्र प्रसाद
इनमें से सुभाष भंडारी और षष्टी भंडारी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
Ranchi Land Fraud Case: कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
शिकायतकर्ता के अनुसार:
जमीन बिक्री के लिए बीडीओ कोर्ट के नाम पर दस्तावेज़ पेश किए गए.
जबकि रांची में कभी बीडीओ कोर्ट अस्तित्व में ही नहीं था।
इससे साफ है कि दस्तावेज़ जानबूझकर तैयार किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भी इस भूमि से जुड़े रेंट फिक्सेशन के मामले में रांची डीसी के निर्देश पर जांच कराई गई थी। उस जांच में उप-समाहर्ता ने दस्तावेज़ को फर्जी बताते हुए रिपोर्ट अदालत में जमा की थी।
Ranchi Land Fraud Case: पीड़ित पक्ष की मांग
अनिल कुमार नाथ ने पुलिस से मांग की है कि जमीन हड़पने की इस साजिश में शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और संपत्ति को कब्जामुक्त किया जाए।
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