बरकट्ठा कॉलेज में बिना शिक्षकों के एडमिशन पर सदन में जोरदार बहस। विधायक अमित यादव और मंत्री सुदिव्य सोनू में तकरार, सरकार ने बहाली का आश्वासन दिया।
बरकट्ठा कॉलेज विवाद रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को शिक्षा व्यवस्था को लेकर सदन गरमा गया। बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र के डिग्री कॉलेज में बिना शिक्षकों और स्टाफ के एडमिशन लेने पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
अमित यादव ने कहा कि 2014 में बनी रघुवर सरकार ने राज्य में 81 डिग्री कॉलेज और 81 पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले थे। बिल्डिंग तैयार हो चुकी है, लेकिन सरकार सिर्फ औपचारिकता निभा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब कॉलेज में न प्रोफेसर है, न क्लर्क, न चपरासी, तो एडमिशन क्यों लिया गया?”
उनका आरोप था कि कॉलेज की स्थिति इतनी खराब है कि वहां केवल एक प्राचार्य नियुक्त है जिसे पढ़ाई से लेकर एडमिनिस्ट्रेशन, सफाई, रिकॉर्ड, सब संभालना पड़ रहा है।
Key Highlights:
बरकट्ठा विधायक अमित यादव ने बिना स्टाफ वाले कॉलेज में एडमिशन पर सरकार को घेरा
शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा विपक्ष सिर्फ नाटक करता है, प्रक्रिया समय लेती है
मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बार-बार CBI जांच की धमकी देकर भर्ती रोकवाई
शिक्षा मंत्री बोले, “अगर अभिभावक चाहें तो छात्रों को नजदीकी कॉलेज में ट्रांसफर किया जाएगा”
सरकार ने आश्वासन दिया, जल्द होगी शिक्षक और स्टाफ की बहाली
बरकट्ठा कॉलेज विवाद मंत्री का जवाब: विपक्ष का रवैया नाटकीय
शिक्षा मंत्री सुदिव्य सोनू ने अपने जवाब में अमित यादव पर तंज कसते हुए कहा कि “वह नाटकीय अंदाज में बात रखने में माहिर हैं, ऐसा लगता है जैसे रंगमंच पर नाटक चल रहा हो।”
उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया समय लेने वाली है और विपक्ष खुद हर कदम पर जांच और रोक की मांग करता रहा है।
मंत्री ने कहा कि शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की कमी राज्य में एक वास्तविक समस्या है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है।
बरकट्ठा कॉलेज विवाद मंत्री का प्रस्ताव: चाहे तो छात्रों का ट्रांसफर किया जा सकता है
मंत्री ने कहा: “अगर अभिभावक चाहें तो छात्रों को नजदीकी कॉलेज में ट्रांसफर किया जा सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही कॉलेज स्टाफ बढ़ाया जाएगा और जेपीएससी के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी।
बरकट्ठा कॉलेज विवाद विधायक का पलटवार: छात्र दोषी नहीं, उन्हें शिक्षा चाहिए
मंत्री के जवाब के बाद विधायक अमित यादव फिर बोले और कहा कि प्रक्रिया, नियमावली और बहस सब सरकार की है, लेकिन नुकसान बच्चों का हो रहा है। उन्होंने कहा: “छात्रों को एडमिशन देते वक्त सरकार ने क्या बताया था? नियमावली या बहाली की देरी बच्चों की जिम्मेदारी नहीं है।”
सदन में हुई इस बहस ने साफ कर दिया कि झारखंड में उच्च शिक्षा संरचना कागजों पर तो मजबूत है, लेकिन जमीनी स्थिति चिंता पैदा करने वाली है। हालांकि सरकार ने भरोसा दिया है कि बरकट्ठा कॉलेज में जल्द स्टाफ बहाली कर पढ़ाई सुचारू की जाएगी।


