Pakur: जिले में समेकित जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) के सरकारी खाते से 12 करोड़ 38 लाख 66 हजार 600 रुपये के गबन के मामले में अब जांच आपराधिक अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआइडी ने केस टेकओवर करते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। इससे संबंधित आदेश भी सीआइडी मुख्यालय की ओर से जारी कर दिया गया है।
डीएसडब्ल्यूओ की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला:
इस घोटाले को लेकर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) अरुण कुमार एक्का की शिकायत पर 12 दिसंबर को पाकुड़ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्रारंभ में मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन बड़े पैमाने पर सरकारी धन के गबन और कई लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद जांच एजेंसी बदलने का निर्णय लिया गया।
28 लोगों पर केस, 26 बनाए गए अभियुक्त:
इस मामले में कुल 28 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें से 26 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। आरोप है कि योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े सरकारी खाते से सुनियोजित तरीके से बड़ी रकम की अवैध निकासी की गई।
अब गहराई से होगी जांच:
सीआइडी द्वारा गठित एसआईटी अब पूरे मामले की वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों व कर्मियों की भूमिका की गहराई से जांच करेगी। माना जा रहा है कि जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। राज्य सरकार और प्रशासन इस मामले को लेकर गंभीर है, क्योंकि यह घोटाला जनजातीय विकास से जुड़ी योजनाओं के फंड से संबंधित है। ऐसे में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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