बांका : बांका जिले के अमरपुर से बड़ी खबर है जहां गांव की धरती से निकलकर विश्व स्तर पर पहचान बनाने वाले अमेरिका के सुप्रसिद्ध पशु चिकित्सक और मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. शांतिभूषण झा ने एक मिसाल पेश की है। अमरपुर प्रखंड के बैजूडीह गांव स्थित अपने पैतृक आवास पर वीकेंड स्कूल फाउंडेशन परिसर में डॉ. शांतिभूषण झा के द्वारा ऑर्थोपेडिक्स और सर्जरी का अत्याधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।
बिहार सहित कई राज्यों से पशु चिकित्सक शामिल हुए हैं
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया, नेपाल समेत भारत के असम, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से पशु चिकित्सक शामिल हुए हैं। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. शांतिभूषण झा ने पशुओं की टूटी हुई हड्डियों को जोड़ने, आधुनिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी और नई तकनीकों से इलाज की विधियों को प्रैक्टिकल तौर पर समझाया। मौके पर डॉ. झा ने कहा कि उनका सपना है कि जिस स्तर की ऑर्थोपेडिक और सर्जरी की ट्रेनिंग विदेशों में दी जाती है, वही सुविधा भारत के पशु चिकित्सकों को भी मिले।

डॉ. झा ने कहा- वे वर्षों से अमेरिका के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पशु चिकित्सकों को हड्डी रोग, ऑर्थोपेडिक सर्जरी व आधुनिक उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं
उन्होंने कहा कि जब गांव से निकलकर वे विश्व स्तर पर सेवा दे सकते हैं, तो अपने देश और अपने गांव के लिए कुछ करना उनका पहला कर्तव्य है। डॉ. झा ने बताया कि वे वर्षों से अमेरिका के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पशु चिकित्सकों को हड्डी रोग, ऑर्थोपेडिक सर्जरी और आधुनिक उपचार पद्धतियों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। छुट्टियों के दौरान जब भी वे अपने गांव आते हैं, तो पशु चिकित्सकों की मांग पर यहां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। ढाई दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।

चिकित्सकों ने कहा- डॉ. शांतिभूषण झा जिस तरीके से प्रशिक्षण देते हैं, वैसा प्रशिक्षण उनके राज्यों में उपलब्ध नहीं है
प्रशिक्षण में शामिल नेपाल, ओडिशा और अन्य राज्यों से आए चिकित्सकों ने बताया कि डॉ. शांतिभूषण झा जिस तरीके से प्रशिक्षण देते हैं, वैसा प्रशिक्षण उनके राज्यों में उपलब्ध नहीं है और यह कार्यक्रम उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। कुल मिलाकर, बैजूडीह गांव से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज देश-विदेश के पशु चिकित्सकों के लिए ज्ञान और तकनीक का केंद्र बनता जा रहा है।

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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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