आज नहीं मिलेगी ऑनलाईन डिलीवरी, स्विगी, जमौटों, ब्लिंकिट के डिलिवरी पार्टनर हड़ताल पर, स्ट्राईक का हुआ असर जानिये क्या है उनकी मांग

आज नहीं मिलेगी ऑनलाईन डिलीवरी, स्विगी, जमौटों, ब्लिंकिट के डिलिवरी पार्टनर हड़ताल पर, स्ट्राईक का हुआ असर, जानिये क्या है उनकी मांग

22 Scope News Desk :  ऑनलाईन भोज्य पदार्थों और समाग्री के ससमय पहुँचाने वाले गिग वर्कर्स आज हड़ताल पर है। आज अगर आप गर्मा – गर्म समोसे की डिलीवरी चाहते है तो यह सेवा आज उपलब्ध नहीं हैं।

दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं गिग वर्कर्स

हमारे दैनिक जीवन के अहम हिस्सा बन चुके गिग वर्कर्स आज अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल है। तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के नेतृत्व में यह हड़ताल चल रही है। इसका असर महानगरों के अलावा लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर और पटना जैसे टियर टू शहरों की डिलीवरी भी प्रभावित हो सकती है।

मांगों के समर्थन में क्रिसमस के दिन भी था स्ट्राईक घोषित

अपनी मांगों के समर्थन में गिग वर्कर्स ने इससे पहले क्रिस्मस के दिन भी स्ट्राईक घोषित कर दिया था। यूनियन का कहना है कि गिग वर्कर्स की मांग में इजाफे के बावजूद उनकी कार्यशैली में बदलाव नहीं हो रहा है। कंपनियां न तो उन्हें ठीक से वेतन देती हैं और न ही सुरक्षा की गारंटी मिलती है। डिलीवरी वर्कर्स की खराब स्थिति को लेकर यह हड़ताल रखी गई है।

10 मिनट का डिलीवरी मॉडल को बताया खतरा

10 मिनट में डिलीवरी मॉडल के कारण सड़क पर गिग वर्कर्स हादसों का शिकार हो जाते हैं। धूप, गर्मी, ठंडी और बरसात में समानों की डिलीवरी 10 मिनट में करने के दबाब में कई बार दुर्घटना से मौत भी हो चुकी है लेकिन कंपनियों के द्वारा स्वास्थ्य बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधायें देने से परहेज कर रही है।

गिग वर्कर्स की प्रमुख मांगें है ये सब   

गिग वर्कर्स की 9 मुख्य मांगों में हैं….. फेयर और ट्रांसपेरेंट वेतन स्ट्रक्चर लागू किया जाय। 10 मिनट डिलीवरी मॉडल को तुरंत बंद किया जाये। बिना प्रक्रिया के आईडी ब्लॉक और पेनाल्टी पर रोक लगे। सुरक्षा के लिये जरुरी गियर और उपाय दिये जाय। बिना भेदभाव के सभी से बराबर काम लिया जाये। सभी से सम्मान जनक व्यवहार मिले। तय सीमा से अधिक काम नही कराया जाय। एप और तकनीकी सपोर्ट मजबूत हो, खास कर पेमेंट और रूटिंग की समस्याओं के लिये। स्वस्थ्य बीमा , दुर्घटना कबर और पेंश जेसी समाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाय।

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