डायल-112/ साइबर भवन के लिए पटना में बनेगा हाईटेक बिल्डिंग, फॉरेंसिक लैब, डाटा सेंटर, कॉल सेंटर, कंट्रोल युनिट से लैस होगा भवन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने नव वर्ष पर प्रदेश में सुशासन बनाए रखने के लिए दो नये पुलिस भवन निर्माण की घोषणा की है। जिसमें डायल-112 व साइबर भवन के लिए की दो महत्वपूर्ण इकार्इयों के लिए आधुनिक भवन तैयार किया जायेगा। इसमें इआरएसएस (इमर्जेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम) यानी डायल-112 और साइबर अनुसंधान इकाई के अलग-अलग भवन होंगे। इनके लिए पटना में दो अलग-अलग मोहल्लों में जमीन चिन्हित कर ली गई है। डायल-112 के लिए राजीव नगर में 27 कट्ठा जमीन चिन्हित की गई है। जबकि, साइबर भवन के लिए मैंग्लस रोड पर 15 से 20 कट्ठा जमीन देखी गई है। उम्मीद है कि इसी साल इन दोनों स्थानों पर जल्द ही निर्माण कार्य को शुरू कर दिया जायेगा। इन आधुनिक भवनों की विशेषता बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि दोनों भवन अपने आप में बेहद खास और सभी जरूरी सुविधाओं से पूरी तरह से संपन्न होंगे।
100 करोड़ की लागत से सात मंजिला होगा डायल-112 का बिल्डिंग
वहीं मिली जानकारी के अनुसार सात मंजिला बनने वाले डायल-112 के भवन का निर्माण 100 करोड़ की लागत से किया जायेगा। यह भवन पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी से लैस होगा। इसमें डायल-112 का कॉल सेंटर, संचालन प्रणाली समेत अन्य सभी जरूरी चीजें मौजूद रहेंगी। पूरे राज्य का यह कंट्रोल यूनिट होगा। इस भवन के निर्माण में सुरक्षा के उच्च मानकों का पालन किया जायेगा। साथ ही राज्य का डाटा सेंटर भी तैयार किया जायेगा और इसकी ऊपरी मंजिलों पर राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) का मुख्य कार्यालय भी होगा। यहां पुलिस से संबंधित सभी तरह के डाटा रिकॉर्ड के तौर पर संग्रहित किए जायेंगे। जांच रिपोर्ट से लेकर अन्य सभी महत्वपूर्ण कागजात को संग्रह करके रखा जायेगा। पुलिस महकमा के सभी जरूरी दस्तावेजों को सहेजकर सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था यहां रहेगी। दस्तावेज किसी भी तरह से खराब नहीं हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। भवन में आग से सुरक्षा समेत अन्य सभी आपदाओं से पुरी तरह से सुरक्षा की माकूल व्यवस्था रहेगी।
एक ही बिल्डिंग में मिलेगी सारी सुविधा
राज्य में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए एक अलग इकाई का गठन कर दिया गया है। इसके लिए एक अलग पांच मंजिला विशेष भवन तैयार किया जा रहा है। इसके डिजाइन से लेकर सभी मूलभूत चीजों पर सहमति बन गई है। अब जल्द ही इसका निर्माण शुरू होने जा रहा है। यहां साइबर हेल्पलाइन 1930 का कॉल सेंटर और पूरा कंट्रोल यूनिट होगा। यहां साइबर से जुड़े सभी प्रमुख अधिकारी, जांच अधिकारी, आइओ समेत अन्य के बैठने की भी व्यवस्था रहेगी। इस भवन में एक खास तरह का फॉरेंसिक लैब तैयार किया जायेगा, जिसमें साइबर से जुड़े मामलों का अनुसंधान करने में काफी सुविधा होगी। इस भवन के निचले तल पर साइबर थाना भी स्थापित किया जायेगा। इस राज्य स्तरीय थाना में साइबर फ्रॉड से जुड़े सभी तरह की शिकायत दर्ज करायी जा सकती हैं।
कार्य योजना तैयार, जल्द होगा शिलान्यास और निर्माण कार्य की शुरूआत
पूरे मामले की जानकारी देते हुये सुधांशु कुमार, एडीजी, (आधुनिकीकरण व ट्रैफिक) ने बताया कि इन दोनों भवन की कार्य-योजना तैयार कर ली गई है। इनका शिलान्यास होने के साथ ही निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। पुलिस महकमा की आधुनिकीकरण इकाई के स्तर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। दोनों भवन अपने आप में अनूठे होंगे और इनकी अपनी खासियत होगी।
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