अररिया : जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया के तत्वावधान में जिला उद्योग भवन सभागार में पॉक्सो एक्ट एवं बाल संरक्षण से जुड़े अन्य संवेदनशील विषयों पर जिला स्तरीय विमर्श-सह-समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल संरक्षण से संबंधित मामलों में विभिन्न विभागों एवं हितधारकों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना रहा।
इस बैठक में अलग-अलग संगठनों से कई लोगों ने लिया हिस्सा
बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सिविल सर्जन अररिया के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय परिषद, महिला एवं बाल विकास विभाग के पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, आरएस थाना एवं अररिया सदर थाना, महिला सदर थानाध्यक्ष, पीएलवी गण और जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष सहित कई विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं कानूनसम्मत कार्रवाई बेहद आवश्यक है – विशेषज्ञ अजय कुमार
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना से आए यूनिसेफ के कानूनी विशेषज्ञ अजय कुमार ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े विभिन्न प्रावधानों, कानूनी प्रक्रियाओं और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं कानूनसम्मत कार्रवाई बेहद आवश्यक है।

‘बाल संरक्षण अत्यंत संवेदनशील विषय है’
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई ने कहा कि बाल संरक्षण अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसमें सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि मजबूत समन्वय के बिना प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि पॉक्सो एक्ट एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में और अधिक जागरूकता व दक्षता के लिए जिले के सभी थानों एवं संबंधित हितधारकों के साथ शीघ्र ही एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, ताकि मामलों में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मंटू भगत की रिपोर्ट
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