बांका में ऑनर किलिंग का मामला , झूठी शान की खातिर पिता ने की बेटी की गला रेत कर हत्या
बांका : बिहार के बांका से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां झूठी शान की खातिर एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। मामला बांका सदर थाना क्षेत्र के चमरैली गांव का है। 17 वर्षीय सुप्रिया की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने पिता अधिवक्ता शशिभूषण झा ने बेटे के साथ मिलकर की। बेटी का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपनी पसंद से शादी करना चाहती थी।
हत्या के बाद पिता ने रची बेटी के अपहरण की झूठी कहानी
हत्या के बाद आरोपी पिता ने खुद को बचाने के लिए कानून को गुमराह करने की कोशिश की और बेटी के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। 2 जनवरी को थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस की सख्त और वैज्ञानिक जांच ने सच्चाई सामने ला दी।
शव मिलने के बाद पुलिस ने बदली जांच की दिशा
3 जनवरी को चमरैली बांध से एक युवती का शव मिलने के बाद जांच की दिशा बदल गई। एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल और एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से अहम सबूत जुटाए। घर में मिले खून के धब्बों और तकनीकी सर्विलांस ने शक की सुई सीधे परिजनों की ओर मोड़ दी।
आखिरी कॉल से हुआ मामले का खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ कि 1 जनवरी की रात सुप्रिया अपने प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी। इसी बात से नाराज़ होकर पिता और भाई ने उसका गला रेत दिया और शव को नहर में फेंक दिया। सबसे चौंकाने वाला सबूत वह आखिरी फोन कॉल बनी, जिसमें सुप्रिया की चीखें रिकॉर्ड हो गई थीं। पिता के हाथ में बंधे कलावे पर लगे खून के छींटे और आंगन में आम के पेड़ के नीचे छिपाया गया हत्या का चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
आरोपी पिता फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने आरोपी पिता शशिभूषण झा उर्फ कवि झा और भाई इशान कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस हत्याकांड का सफल उद्भेदन करने वाली पुलिस टीम से फिलहाल पूछताछ जारी है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या समाज में आज भी इज्जत की कीमत बेटियों की जान से ज्यादा है?
दीपक कुमार बांका
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