Jharkhand Excise Policy: नई Excise Policy से झारखंड में शराब बिक्री तेज, Private Retail से 105% Revenue, सभी 24 जिलों में लक्ष्य पार

झारखंड में सितंबर 2025 से लागू नई उत्पाद नीति के बाद शराब की खुदरा बिक्री निजी हाथों में गई। चार माह में 105% राजस्व, सभी जिलों ने लक्ष्य पार किया।


Jharkhand Excise Policy:नई उत्पाद नीति के बाद राजस्व में बड़ा उछाल

Jharkhand Excise Policy रांची:राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में सितंबर 2025 से नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद शराब की खुदरा बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। नई नीति के तहत खुदरा शराब की बिक्री निजी हाथों में जाने के बाद राज्य के सभी 24 जिलों में चार महीने के औसत राजस्व लक्ष्य से 100 प्रतिशत से अधिक संग्रहण किया गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच लक्ष्य के विरुद्ध 105 प्रतिशत राजस्व हासिल किया गया। यह प्रदर्शन उस अवधि की तुलना में कहीं बेहतर है, जब खुदरा शराब बिक्री सरकारी नियंत्रण में थी।


Key Highlights

  • नई उत्पाद नीति के बाद खुदरा शराब बिक्री में बड़ा उछाल

  • सितंबर से दिसंबर 2025 में 105 प्रतिशत राजस्व हासिल

  • राज्य के सभी 24 जिलों में औसत लक्ष्य से अधिक बिक्री

  • सरकारी व्यवस्था में पहली छमाही में सिर्फ 85.10% राजस्व

  • निजी हाथों में बिक्री जाने के बाद संग्रहण दर में सुधार


Jharkhand Excise Policy:सरकारी व्यवस्था में पिछड़ा था राजस्व प्रदर्शन

वर्तमान वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में, जब खुदरा शराब की बिक्री सरकार द्वारा प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से की जा रही थी, तब लक्ष्य के मुकाबले केवल 85.10 प्रतिशत राजस्व ही संग्रहित हो सका था। उस दौरान सिर्फ तीन जिले लातेहार, गिरिडीह और लोहरदगा ऐसे रहे, जहां राजस्व लक्ष्य 100 प्रतिशत से अधिक रहा।

इन जिलों में क्रमशः 105.37 प्रतिशत, 102.81 प्रतिशत और 100.14 प्रतिशत राजस्व लक्ष्य हासिल किया गया था। इसके अलावा कोडरमा, हजारीबाग, पाकुड़, गढ़वा, रामगढ़, सिमडेगा, जामताड़ा, साहिबगंज और चतरा जैसे नौ जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया, जबकि बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और धनबाद में 80 प्रतिशत से भी कम राजस्व संग्रहण हुआ था।

Jharkhand Excise Policy:पांच वित्तीय वर्षों में राजस्व का ट्रेंड

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वित्तीय वर्षों में राजस्व लक्ष्य और प्राप्ति का रुझान उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में लक्ष्य के मुकाबले केवल 73.35 प्रतिशत राजस्व संग्रहण हो सका था। इसके बाद 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में विभाग ने 100 प्रतिशत से अधिक राजस्व लक्ष्य हासिल किया।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित राजस्व लक्ष्य 3885.11 करोड़ रुपये तय किया गया है। अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक 2828.55 करोड़ रुपये का संग्रहण किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 72.80 प्रतिशत है।

Jharkhand Excise Policy:निजी हाथों में बिक्री से बढ़ी रफ्तार

नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद के चार महीनों और पुरानी नीति के तहत छह महीनों की तुलना करने पर स्पष्ट है कि खुदरा शराब की बिक्री की रफ्तार तेज हुई है। पहले सरकार स्वयं प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए शराब की बिक्री कर रही थी, जबकि अब निजी हाथों में जाने से वितरण और बिक्री व्यवस्था अधिक प्रभावी हुई है।

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का दावा है कि नई नीति से न सिर्फ राजस्व संग्रहण में सुधार हुआ है, बल्कि जिलों के बीच लक्ष्य प्राप्ति का अंतर भी काफी हद तक कम हुआ है।

Jharkhand Excise Policy:आगे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि शेष वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण की गति और तेज हो सकती है। नई उत्पाद नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य सरकार को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे, जिसका उपयोग विकास कार्यों में किया जा सकेगा।


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