Land Acquisition Case:धनबाद रिंग रोड जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की। धनबाद, रांची और देवघर से करीब 18 आरोपी गिरफ्तार, 300 करोड़ के घोटाले का आरोप।
Land Acquisition Case: धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाले में ACB का शिकंजा
Land Acquisition Case धनबाद : धनबाद रिंग रोड जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डेढ़ दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब 300 करोड़ रुपये के इस बहुचर्चित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने धनबाद, रांची और देवघर में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई गुरुवार रात से लगातार चल रही थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भू-राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारी और कई बिचौलिए शामिल बताए जा रहे हैं। एसीबी ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर सभी को हिरासत में लिया।
Key Highlights
धनबाद रिंग रोड मुआवजा घोटाले में ACB की बड़ी कार्रवाई
300 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में डेढ़ दर्जन आरोपी गिरफ्तार
धनबाद, रांची और देवघर में एक साथ छापेमारी
भू-राजस्व विभाग के अधिकारी और बिचौलिए शामिल
2016 में दर्ज FIR के बाद तेज हुई जांच
Land Acquisition Case: मुआवजा भुगतान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी
धनबाद में रिंग रोड निर्माण के लिए राज्य सरकार ने कई मौजों की रैयती जमीन का अधिग्रहण किया था। आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बाद रैयतों को दिए जाने वाले मुआवजे के भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, फर्जी दस्तावेज, गलत मूल्यांकन और नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया।
अनुमान है कि इस पूरे मामले में करीब 300 करोड़ रुपये का मुआवजा घोटाला हुआ है। कई रैयतों की इस दौरान मौत भी हो चुकी है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
Land Acquisition Case: 2014 में हुआ था खुलासा, 2016 में FIR
इस घोटाले का खुलासा वर्ष 2014 में हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने पहले निगरानी ब्यूरो और फिर जांच की जिम्मेदारी एसीबी को सौंपी। एसीबी को 2015 में औपचारिक रूप से जांच सौंपी गई थी और 2016 में मामले में एफआईआर दर्ज की गई।
प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, लाल मोहन नायक सहित कई अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
Land Acquisition Case: कई मौजों की जमीन से जुड़ा मामला
यह मामला धनबाद जिले के कई मौजों की जमीन से जुड़ा हुआ है। एसीबी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि मुआवजा वितरण में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ी हुई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
एसीबी सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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