रांची : रांची की बेटी, रिम्स से गोल्ड मेडलिस्ट, डॉ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या पर डॉक्टरों का फूटा गुस्सा- डॉक्टर
अर्चना शर्मा राजधानी रांची की रहने वाली थी.
राजस्थान में हुई उनकी मौत पर रांची में भी न्याय की मांग उठ रही है.
यहां अलग-अलग संस्थाएं झारखंड सरकार से हस्तक्षेप कर सही ढंग से जांच और न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं.
रांची के डॉक्टरों ने डॉ. अर्चना के मौत पर सवाल भी उठाया है.
डाक्टरों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि डॉ. अर्चना को राजस्थान के कुछ नेताओं ने
इस तरह से डरा दिया कि वो आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गईं.
डाक्टरों की सुरक्षा पर आज भी देश के हर जगह पर सवाल उठ रहा है.
बता दें कि डा. अर्चना रिम्स की गोल्ड मेडलिस्ट और मेधावी छात्रा रही है.
मालूम हो कि रातू रोड की रहने वाली डा. अर्चना रिम्स में एमबीबीएस 1998 बैच की छात्रा थीं. जिसके बाद उसने रिम्स से ही एमडी की पढ़ाई पूरी की. जिसके बाद वे राजस्थान में अपने पति के साथ निजी अस्पताल से जुड़ी रहीं. डॉ. अर्चना के आत्महत्या करने पर उनके पति ने भी राजस्थान पुलिस पर कार्रवाई करने की मांग की है
रिम्स के डॉक्टरों ने सुरक्षा को लेकर उठाया सवाल
रिम्स के डॉक्टरों व जूनियर डॉक्टर ने घटना की निंदा की है, और आरोपियों को सजा दिलाने की मांग की है. जेडीए के अध्यक्ष डॉ. विकास ने बताया कि रिम्स से डॉ. अर्चना शर्मा ने एमबीबीएस की थी. गायनी में एमडी की और गोल्ड मेडलिस्ट रही. इतनी प्रतिभावान डॉक्टर पर किसी मरीज की मौत को लेकर हत्या का मुकदमा दायर करना कहीं से भी सही नहीं है.
आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुई अर्चना शर्मा
उन्होंने कहा कि राजस्थान में जिस गर्भवती महिला की मौत हुई उसका कारण पोस्ट पार्टम हेम्रेज (पीपीएच) था. जो एक जटिल समस्या है, प्रसव के दौरान कभी-कभी इस जटिल समस्या से डाक्टरों को गुजरना पड़ता है. लेकिन वहां के कुछ लोकल नेताओं ने इस मौत को हत्या बताया और पुलिस पर भी दबाव बनाकर 302 का मामला दर्ज करा दिया. जिससे डॉ. अर्चना शर्मा डर गईं और आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गईं.
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