आत्महत्या पर कमिटी बनेगी, रिपोर्ट भी आएगी, पर डॉक्टर अर्चना कभी नहीं आएगी वापस

आत्महत्या पर कमिटी बनेगी, रिपोर्ट भी आएगी, पर डॉक्टर अर्चना कभी नहीं आएगी वापस- जरा सोचिए

दौसा की डॉक्टर अर्चना ने आत्महत्या की या उस सोच ने डॉक्टर अर्चना की हत्या की है.

जिसमें किसी अपने को खोने को नियति न मानकर,

इलाज करने वाले डॉक्टर का अपराध मान लिया जाता है.

यदि ऐसा ही रहा तो हो सकता है कल कोई डॉक्टर किसी गंभीर मरीज का इलाज करने से मना कर दे.

डॉक्टर अर्चना की आत्महत्या पर कमिटी बनेगी,

उसकी रिपोर्ट आएगी, पर डॉक्टर अर्चना कभी वापस नहीं आएगी.

सुसाइड नोट में अर्चना शर्मा ने लिखा- मैंने कोई गलती नहीं की

दौसा जिले के लालसोट में डॉक्टर अर्चना शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़ आ गया है.

अब डॉ. अर्चना का सुसाइड नोट सामने आया है.

इस सुसाइड नोट में डॉ. अर्चना शर्मा ने लिखा कि “मैंने कोई गलती नहीं की है, किसी को नहीं मारा,

पीपीएच एक कॉम्प्लिकेशन है इसके लिए डॉक्टरों को प्रताड़ित करना बंद करो.

सुसाइड नोट के अंत में उन्होंने लिखा ”प्लीज मेरे बच्चे को मां की कमी महसूस नहीं होने देना”.

डॉ. अर्चना शर्मा के आत्महत्या की सूचना मिलते ही डॉक्टर्स में आक्रोश फैल गया. प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स सोसायटी ने बंद का आह्वान कर दिया. वहीं सेवारत चिकित्सकों ने भी बुधवार को सुबह 9 से 11 बजे तक के 2 घंटे कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी.

क्या है पूरा मामला

दरअसल दौसा जिले के लालसोट कस्बे के आनंद हॉस्पिटल में सोमवार को एक प्रसूता की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी. उसके बाद मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने वहां जमकर हंगामा किया था. हंगामे के बाद अस्पताल के डॉक्टर सुनित उपाध्याय और उनकी पत्नी डॉ. अर्चना शर्मा के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था. इस पर सोमवार की रात करीब ढ़ाई बजे ग्रामीणों का हंगामा शांत हुआ था.

दोषी पुलिसकर्मियों को करे गिरफ्तार

सुसाइड के बाद डॉक्टरों, मेडिकल दुकानदारों में आक्रोश है. इसको लेकर डॉक्टरों ने कहा कि निजी अस्पतालों में सिर्फ भर्ती मरीज़ों को ही अटेंड किया जाएगा. उनकी मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर गिरफ्तार किया जाये. पुलिस अफसरों और प्रसूता के परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया जाये. उन्होंने चेतावनी दी है कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट-2008 के तहत कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जायेगा.

डॉक्टर ने फांसी लगाकर दी जान

उसके बाद मंगलवार को सुबह डॉ. अर्चना शर्मा ने घर पर फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. पुलिस को जैसे ही डॉ. अर्चना शर्मा के सुसाइड की सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को घर से अपने कब्जे में ले लिया. डॉक्टर का घर और अस्पताल की दूरी करीब 300 मीटर बताई जा रही है. घटनाक्रम के बाद पुलिस शव को लेकर मोर्चरी में पहुंची और वहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया. पुलिस ने एफएसएल और उनकी टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य एकत्र किये.

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