घोड़ासहन सीमावर्ती क्षेत्र से बड़ी कार्रवाई, नशीली दवाओं के कारोबार का भंडाफोड़

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिला के सिकरहना अनुमंडल के सीमावर्ती क्षेत्र में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जमुनिया एसएसबी और झरौखर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में प्रतिबंधित ट्रामाडोल टैबलेट बरामद की गई है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्र के अमावा गांव के पास की गई। जहां एक ई-रिक्शा से करीब एक लाख 49 हजार पीस ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की गई।

सीमा क्षेत्र के रास्ते नशीली दवाओं की बड़ी खेप की तस्करी की जा रही है – सुरक्षा एजेंसी

मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमा क्षेत्र के रास्ते नशीली दवाओं की बड़ी खेप की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर जमुनिया एसएसबी और झरौखर पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर एक ई-रिक्शा को रोका। तलाशी के दौरान ई-रिक्शा से ट्रामाडोल-50 (हाइड्रोक्लोराइड) की कुल 495 पैकेट बरामद की गई, जिनमें कुल 1,48,500 गोलियां पाई गईं। इस दौरान दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। 71वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों की पहचान मोतिहारी जिले के बसंतपुर गांव निवासी तापस कुमार और गुलशन कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों तस्करों द्वारा नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल होने की बात सामने आई है।

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बरामद की गई सभी ट्रामाडोल टैबलेट्स मनोरोगी एवं निषिद्ध दवाओं की श्रेणी में आती हैं – SSB

एसएसबी के अनुसार, बरामद की गई सभी ट्रामाडोल टैबलेट्स मनोरोगी एवं निषिद्ध दवाओं की श्रेणी में आती हैं, जिनका अवैध कारोबार कानूनन गंभीर अपराध है। जब्त दवाओं और गिरफ्तार आरोपियों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए झरौखर पुलिस थाना को सौंप दिया गया है। वहीं इस मामले पर जानकारी देते हुए सिकरहना एसडीपीओ ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र में इस बड़े नशीली दवाओं के कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पहचान करने के लिए पुलिस लगातार छानबीन कर रही है।

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गिरफ्तार दोनों आरोपियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि एक सप्ताह पूर्व ही सैनिक रोड से इसी तरह भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन और दवाएं बरामद की गई थीं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि सीमावर्ती इलाकों में नशीली दवाओं का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे तोड़ने के लिए प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट

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