Jharkhand High Court: ग्रामीण क्षेत्र में Building Plan को लेकर RRDA के अधिकार पर Status Quo, अगली सुनवाई 25 फरवरी

Jharkhand High Court: झारखंड हाइकोर्ट ने पंचायतीराज अधिनियम क्षेत्र में भवन नक्शा पास करने के RRDA अधिकार पर यथास्थिति बरकरार रखी, अगली सुनवाई 25 फरवरी।


Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाइकोर्ट ने पंचायतीराज अधिनियम शासित ग्रामीण क्षेत्रों में भवनों का नक्शा पास करने के अधिकार को लेकर रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार की ओर से दायर अपील याचिकाओं पर सुनवाई की। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान आरआरडीए की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन का पक्ष सुना।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने फिलहाल यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए 25 फरवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।


Key Highlights

• झारखंड हाइकोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाये रखने का निर्देश दिया

• आरआरडीए ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी

• पंचायतीराज अधिनियम क्षेत्र में भवन नक्शा पास करने के अधिकार पर विवाद

• प्रतिवादी को 25 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश

• अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी


Jharkhand High Court: एकल पीठ के आदेश को दी गयी चुनौती

आरआरडीए की ओर से दायर अपील याचिकाओं में एकल पीठ के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया था कि पंचायतीराज अधिनियम शासित क्षेत्रों में भवन नक्शा पास करने का अधिकार आरआरडीए को नहीं है।

महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दलील दी कि आरआरडीए को अपने क्षेत्राधिकार में भवनों के नक्शे की स्वीकृति देने और आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। एकल पीठ का आदेश विधिसम्मत नहीं है, इसलिए उसे निरस्त किया जाना चाहिए।

Jharkhand High Court: एकल पीठ ने क्या कहा था

एकल पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि 10 मई 2001 से झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 लागू है। इसके बाद पंचायत राज अधिनियम और संविधान की 11वीं अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय विकास प्राधिकरणों को भवन योजना स्वीकृति का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

आदेश में कहा गया था कि झारखंड क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण अधिनियम की धारा 30 के तहत भी ऐसे क्षेत्रों में आरआरडीए से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इन इलाकों पर पंचायत राज अधिनियम के प्रावधान लागू होते हैं।

Jharkhand High Court: कानूनी अधिकार क्षेत्र पर टिका विवाद

मामला मूल रूप से अधिकार क्षेत्र की व्याख्या से जुड़ा है। प्रश्न यह है कि पंचायतीराज अधिनियम से आच्छादित ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण की स्वीकृति का अधिकार पंचायत संस्थाओं के पास रहेगा या क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के पास।

खंडपीठ के यथास्थिति आदेश के बाद फिलहाल पूर्व की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। 25 फरवरी की सुनवाई में मामले के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत बहस होने की संभावना है।

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