रांची: झारखंड ऑप्थल्मोलॉजी सोसाइटी (JHOS) के 23वें वार्षिक सम्मेलन का आज रांची के स्वर्णभूमि (पुरुलिया रोड, नियर डंगरा टोली) में भव्य और आधिकारिक उद्घाटन संपन्न हुआ। समारोह में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
आज की मुख्य गतिविधियाँ और विशेष आकर्षण:
- भव्य उद्घाटन समारोह: समारोह का शुभारंभ शाम 6:00 बजे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर JHOS के पदाधिकारियों और राज्य के वरिष्ठ नेत्र चिकित्सकों ने अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया।
- वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर का सम्मान: उद्घाटन सत्र का सबसे भावुक और गर्व भरा क्षण वह था जब अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का मान बढ़ाने वाले डॉ. बिभूति कश्यप को सम्मानित किया गया। डॉ. विभूति ने अमेरिका में ‘अमेरिकन रेटिना सोसाइटी’ की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में एक साथ दो ‘रेट बकलर ट्रॉफियां’ (रेटिना सर्जरी का ऑस्कर) जीतकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। मंत्रr ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके योगदान को झारखंड के चिकित्सा इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताया।
- प्रतिष्ठित व्याख्यान (Orations): ‘प्रो. डॉ. बी.पी. कश्यप एक्स्ट्रा म्यूरल ओरेशन’ के तहत ख्याति प्राप्त डॉ. रोहित शेट्टी ने अपना महत्वपूर्ण शोध पत्र प्रस्तुत किया. वहीं, ‘प्रो. डॉ. लक्ष्मी नारायण इंट्रा म्यूरल ओरेशन’ में डॉ. शैलेंद्र सिंह ने रिफ्रैक्टिव सर्जरी के क्रमिक विकास पर विस्तार से चर्चा की.
- हाई इम्पैक्ट पर्ल सत्र: इस विशेष सत्र में डॉ. ललित वर्मा, डॉ. जे.एस. तितियाल, डॉ. भारती कश्यप और डॉ. प्रशांत बावनकुले जैसे दिग्गजों ने आँखों की विभिन्न उप-विशेषताओं जैसे रेटिना, कॉर्निया और रिफ्रैक्टिव सर्जरी पर 2-मिनट के प्रभावशाली वीडियो टिप्स साझा किए. डॉ. कौशिक मुरली ने भारत में नेत्र चिकित्सा के लिए ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ की भूमिका पर मुख्य भाषण दिया.
- ग्लाकोमा पर गहन विमर्श: ‘साइट अनसीन’ (Sight Unseen) सत्र में काला मोतिया (ग्लाकोमा) के इलाज की नई चुनौतियों पर बहस हुई. इसमें डॉ. विनीता रामनानी, डॉ. अनिंद्य अनुराधा और डॉ. पूनम सिंह ने दवाओं और सर्जिकल तकनीकों (MIGS) के चयन पर अपने विचार साझा किए.
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम को किया संबोधित
डॉ. बिभूति कश्यप की ऐतिहासिक उपलब्धि: हमारे राज्य के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के डॉ. बिभूति कश्यप ने ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ रेटिना स्पेशलिस्ट’ (ASRS) के सम्मेलन में एक ही वर्ष में दो ‘रेट बकलर’ (Rhett Buckler) ट्रॉफियां जीतकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। जिन्हें चिकित्सा जगत में ‘रेटिना सर्जरी का ऑस्कर’ कहा जाता है, उन दो ट्रॉफियों को जीतकर डॉ. बिभूति विश्व के एकमात्र सर्जन बन गए हैं। वे न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। राज्य में नेत्र चिकित्सा के विस्तार में ऐसे प्रतिभावान युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सरकार की प्रतिबद्धता और ग्रामीण स्वास्थ्य-डॉ इरफान अंसारी
हमारी सरकार राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। झारखंड की एक बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जहाँ मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियाँ एक चुनौती हैं। मुझे गर्व है कि हमारे डॉक्टर आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दूर-दराज के इलाकों तक रोशनी पहुँचा रहे हैं। हमने जामताड़ा और संथाल परगना जैसे क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य एवं नेत्र सुरक्षा अभियान चलाए हैं और भविष्य में भी ऐसे कैंप निरंतर लगाए जाएंगे।
आधुनिक चुनौतियाँ और जागरूकता: आज के समय में बच्चों में बढ़ता मोबाइल का उपयोग और ‘मायोपिया’ (निकट दृष्टि दोष) एक गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार 2050 तक करीब 48% बच्चे इससे प्रभावित हो सकते हैं। मेरा अनुरोध है कि:
- जीवन के पहले तीन वर्षों में बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखा जाए।
- 40 वर्ष की आयु के बाद हर व्यक्ति साल में एक बार अपनी आँखों की विस्तृत जाँच (Preventive Check-up) जरूर कराए, क्योंकि 60% दृष्टिहीनता समय पर इलाज से रोकी जा सकती है।
युवा प्रतिभाओं का प्रोत्साहन: इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए 60 प्रतिष्ठित वक्ताओं का अनुभव साझा करना झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। मुझे खुशी है कि हमारे पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों ने अपनी शोध प्रस्तुतियाँ दी हैं। इन युवा डॉक्टरों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ेगा।
मैं झारखंड के नेत्र चिकित्सकों को राँची में ‘ऑल इंडिया नेत्र सोसाइटी की मिड-टर्म कांफ्रेंस’ आयोजित करने के लिए प्रेरित करता हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि राज्य सरकार इस आयोजन के लिए हर संभव मदद प्रदान करेगी।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह सम्मेलन झारखंड की जनता को आधुनिक और उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।”
Highlights


