पटना : आज का दिन पटना हाईकोर्ट के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। तकनीक और पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए पटना हाईकोर्ट में टेक्नोलॉजी से युक्त नव-निर्मित ई-फाइलिंग सेंटर का विधिवत उद्घाटन मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने किया।
यह सिर्फ एक उद्घाटन नहीं था, यह न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण का उद्घोष था
आपको बात दें कि मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने कहा कि यह सिर्फ एक उद्घाटन नहीं था, यह न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण का उद्घोष था। https://22scope.com/political-uproar-in-bihar-due-to-patna-hc-notice-to-42-mlas-simultaneously/ इस ऐतिहासिक अवसर पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद सहित कई न्यायाधीशगण और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। पूरा परिसर एक सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ था, मानो न्यायिक व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश कर रही हो।

नया ई-फाइलिंग सेंटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है
नया ई-फाइलिंग सेंटर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। आज के डिजिटल दौर के अनुरूप यहां हर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब अधिवक्ताओं को लंबी कतारों में खड़े रहने की मजबूरी नहीं होगी। दस्तावेजों की फाइलिंग में होने वाली देरी और तकनीकी परेशानियां अब अतीत की बात बनने जा रही हैं। यह पहल केवल सुविधा का विस्तार नहीं है यह ‘पेपरलेस कोर्ट’ की दिशा में एक ठोस और निर्णायक कदम है।

तत्कालीन चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू के नेतृत्व में बिहार की न्यायिक प्रणाली लगातार आधुनिक और तकनीक-सक्षम होती जा रही है – न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद
इस मौके पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तत्कालीन चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू के नेतृत्व में बिहार की न्यायिक प्रणाली लगातार आधुनिक और तकनीक-सक्षम होती जा रही है। उन्होंने इसे भविष्य के न्यायालय की मजबूत नींव बताया। सच यही है कि जब नेतृत्व दूरदर्शी हो, तो बदलाव निश्चित होता है। https://22scope.com/rabris-strong-attack-on-cm-nitish-regarding-law-and-order-said-that-the-government-has-remained-silent/ मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू के नेतृत्व में सिर्फ पटना हाईकोर्ट ही नहीं, बल्कि बिहार के तमाम न्यायालयों में सुविधाओं का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है। पारदर्शिता, गति और दक्षता इन तीनों को केंद्र में रखकर न्यायिक सुधारों की नई परंपरा स्थापित की जा रही है।

एडवोकेट जनरल पीके शाही ने भी मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व की खुलकर सराहना की
इस अवसर पर बिहार के एडवोकेट जनरल पीके शाही ने भी मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि संगम कुमार साहू की अगुवाई में बिहार की न्यायिक व्यवस्था नई बुलंदियों को छू रही है। हर दिन एक नया आयाम गढ़ा जा रहा है, हर दिन एक नई उपलब्धि जुड़ रही है। उद्घाटन के बाद मुख्य न्यायाधीश स्वयं ई-फाइलिंग सेंटर के विभिन्न काउंटरों पर गए, वहां उपलब्ध सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। उन्होंने सुनिश्चित किया कि यह व्यवस्था सिर्फ कागज़ों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक रूप से अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो।

‘यही एक सच्चे नेतृत्व की पहचान है’
उन्होंने कहा कि यही एक सच्चे नेतृत्व की पहचान है। सिर्फ निर्णय लेना नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर व्यवस्था को परखना। आज का यह कदम न्याय को अधिक सुलभ, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह संदेश साफ है कि बिहार की न्यायिक व्यवस्था अब तकनीक के साथ कदमताल कर रही है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा- इस परिवर्तन के केंद्र में हैं
मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने कहा कि इस परिवर्तन के केंद्र में हैं। उनका विजन, उनका नेतृत्व और उनका समर्पण पटना हाई कोर्ट को एक नई पहचान दे रहा है। यह सिर्फ एक ई-फाइलिंग सेंटर का उद्घाटन नहीं, यह न्याय के नए युग की शुरुआत है।

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