पटना : बिहार विधानसभा में बजट सत्र की कार्यवाही चल रही है। सदन की कार्यवाही का आज यानी 20 फरवरी का 14वां दिन है। बिहार विश्वविद्यालयों में और उच्च शिक्षण संस्थाओं में यूजीसी इक्विटी गाइडलाइन को लागू करने का प्रस्ताव विपक्ष की ओर से माले विधायक संदीप सौरभ ने पेश किया। https://22scope.com/rabris-strong-attack-on-cm-nitish-regarding-law-and-order-said-that-the-government-has-remained-silent/ इस दौरान में उन्होंने ‘ब्राह्मणवाद’ शब्द का जिक्र कर दिया। इस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हंगामा करने लगे। सदन में सीएम नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा के अलावा विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सहित सभी नेता मौजूद रहे।
दायर याचिका पर पटना HC के नोटिस का मामला आज बिहार विधानसभा में जोर-शोर से उठा
आपको बता दें कि विधायकों द्वारा हलफनामे में अपनी संपत्ति और आपराधिक मुकदमों की जानकारी छुपाने के आरोप में दायर याचिका पर पटना हाईकोर्ट के नोटिस का मामला आज बिहार विधानसभा में जोर-शोर से उठा। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी बात रखी। लेकिन एक बात पर सबकी सहमति दिखी कि यह पूरी तरह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का मामला है।
इस मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों का सुर लगभग एक जैसा दिखा
दिलचस्प बात यह रही कि इस मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों का सुर लगभग एक जैसा दिखा। दोनों ही पक्षों के नेताओं ने कहा कि यह पूरी तरह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र का मामला है और इस पर कोई राजनीतिक टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। https://22scope.com/political-uproar-in-bihar-due-to-patna-hc-notice-to-42-mlas-simultaneously/ उनका कहना था कि जिन विधायकों को नोटिस मिला है, उन्हें अदालत में अपना जवाब देना चाहिए और जो भी फैसला आएगा, वह सबको मान्य होगा।
MLA राजू तिवारी ने साफ कहा- यह अदालत का मामला है
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने साफ कहा कि यह अदालत का मामला है। उन्होंने कहा कि जिस विधायक को नोटिस मिला है, वह खुद अदालत में जवाब देंगे। इस पर सदन में ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं है। उन्होंने दोहराया कि न्यायालय जो भी निर्णय लेगा, वही अंतिम होगा।
मामला अदालत तक पहुंच चुका है और सभी विधायकों को अपना जवाब देना चाहिए – RJD MLA विधायक रणविजय साहू
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक रणविजय साहू ने कहा कि मामला अदालत तक पहुंच चुका है और सभी विधायकों को अपना जवाब देना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि विपक्ष पहले से ही ‘वोट चोरी’ और चुनाव में गड़बड़ी का मुद्दा उठाता रहा है। उनके मुताबिक, इस नोटिस से कहीं न कहीं यह संकेत मिलता है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई हो सकती है।
जिसे मिला नोटिस वो दें कोर्ट को जवाब – भाकपा माले विधायक अजय सिंह
वहीं भाकपा माले विधायक अजय सिंह ने कहा कि किसे नोटिस मिला है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके अनुसार अभी तक किसी को नोटिस नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का जो मुद्दा था, जिसमें वोट चोरी का आरोप लगा था, उस मामले में जो लोग प्रभावित थे, वे अदालत गए थे। लेकिन यदि किसी विधायक को नोटिस जाती है तो उसे न्यायालय को अपना जवाब देना चाहिए।
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