पटना : बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ‘संवाद कक्ष’ में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के द्वारा आयोजित सहकारिता विभाग के प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस-मीडिया को संबोधित किया गया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह एवं सहकारिता विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बड़ी संख्या में रोजगार सहकारिता के माध्यम से ही आएगा – मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावना है। बड़ी संख्या में रोजगार सहकारिता के माध्यम से ही आएगा। जल्द ही बिहार से कई टीमें गुजरात भेजी जाएंगी, वहां देखा जाएगा कि सहकारिता के क्षेत्र में कैसे बेहतर काम किए गए हैं। गुजरात में सहकारिता के सफल कार्यों को बिहार में भी लागू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके।
मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की विभिन्न उपलब्धियों के बारे में निम्नांकित विषयों के संबंध में जानकारी साझा की
बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ के तहत् ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ के अंतर्गत राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया है। जिसके अंतर्गत बिहार के सकरी एवं रैयाम में बंद पड़ी चीनी मिलों को सहकारिता विभाग के माध्यम से पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड (NFCSF) नई दिल्ली द्वारा राज्य में सकरी (मधुबनी) एवं रैयाम (दरभंगा) में प्रस्तावित नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) एवं संभाव्यता प्रतिवेदन (fesibility Report) का निर्माण एवं आवश्यक परामर्श सेवा उपलब्ध कराने हेतु बिहार सरकार के सहकारिता विभाग एवं राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली के बीच आज 23 फरवरी 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। एनएफसीएसएफ के व्यापक अनुभव एवं विशेषज्ञता से राज्य में सहकारी चीनी मिलों की स्थापना प्रक्रिया को गति मिलेगी और परियोजनाएं आर्थिक रूप से टिकाऊ बन सकेंगी।
अधिप्राप्ति (खरीफ विपणन मौसम 2025-26)
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 अन्तर्गत प्रदत्त लक्ष्य 36.85 लाख मे. टन के विरूद्ध अबतक 6879 समितियों के माध्यम से 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख मे. टन धान की अधिप्राप्ति की गई है, जो कि कुल लक्ष्य का 79.30 प्रतिशत है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 6400 करोड़ रुपए का भुगतान उनके खाते में किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में 278 गोदाम निर्माण हेतु 1000/500/200 मे0टन का गोदाम निर्माणाधीन है। इससे 2.49 लाख मे टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता का सृजन हो सकेगा।

सहकारी समितियों में भंडारण क्षमता का सृजन
राज्य के सहकारी समितियों में 7286 गोदाम निर्माण का कार्य पूर्ण
17.472 लाख मे टन भंडारण क्षमता का सृजन
तीन राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) नेशनल ऑर्गेनिक्स कॉ-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (NCOL) एवं नेशनल एक्सपोर्ट कॉपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (NCEL) की सदस्यता। राज्य के 6620 समितियों के द्वारा BBSSL, 482 समितियों के द्वारा NCOL की एवं 542 समितियों के द्वारा NCEL की सदस्यता प्राप्त। NCOL के लिए BSSOCA (बिहार स्टेट सीड एण्ड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी) को स्टेट नोडल एजेंसी बनाया गया। BBSSL के माध्यम से सदस्य समितियों के द्वारा बीज उत्पादन, प्रोसेसिंग सर्टिफिकेशन एवं ग्रेडिंग का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए बिहार राज्य बीज निगम BRBN को राज्य का नोडल एजेंसी बनाया गया है।
विपणन सहकारी संघ एवं फेडरेशन का गठन
बिस्कोमान के मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाईटी बन जाने के बाद बिस्कोमान के तर्ज पर विपणन सहकारी संघ एवं फेडरेशन का गठन विभाग द्वारा किया जा रहा है। कोशी प्रमंडल को छोड़कर शेष आठ प्रमंडलों पटना, मगध, तिरहुत, सारण, दरभंगा, पूर्णियां, भागलपुर एवं मुंगेर में विपणन सहकारी संघ का गठन किया जा चुका है। बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन के गठन की कार्रवाई की जा रही है।
सहकारिता में सहकार
सहकारिता में सहकार योजना के अंतर्गत विभिन्न समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित करते हुए माइक्रो एटीएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवा का विस्तार किया जा रहा है। अबतक 460 बैंक मित्र नियुक्त किए गए है और 447 माइक्रो-एटीएम वितरित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डोर स्टेप बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध हो पा रही है। व्यवसाय में विविधता हेतु सहकारी बैंकों में GOLD LOAN, अमृत आत्मनिर्भर ऋण योजना, JLG/SHG Financing किया जा रहा है। ग्राहकों को बीमा देने की सुविधा देने हेतु SBI INSURANCE एवं इफ्फको टोकियो और बंधन लाइफ से टाई अप कर ग्राहकों एवं ऋण का बीमा किया जा रहा है। ग्राहकों को आधार के माध्यम से भुगतान हेतु AePS का भी लाईसेंस प्राप्त किया जा चुका है। इसी के साथ ग्राहक अब DIGILOCKER पर अपने खाता की विवरणी भी देख सकते हैं।
रोजगार सृजन
वित्तीय वर्ष 2025-26 में सहायक निबंधक के छह पदों पर, निम्नवर्गीय लिपिक का 24 पद एवं कार्यालय परिचारी के दो पदों पर नियुक्ति की जा चुकी है। सहायक निबंधक, सहयोग समितियां के 41 पदों एवं जिला अंकेक्षण पदाधिकारी के छह पदों पर, सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों के 632 पदों पर, अंकेक्षक के 198 पदों निम्नवर्गीय लिपिक के 274 पदों, आशुलिपिक के सात पदों एवं कार्यालय परिचारी के 126 पदों, कुल 1284 पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना संबंधित आयोग को भेजी जा चुकी है। बिहार राज्य भंडार निगम में कुल 68 पद तथा सहकारी बैंक में सहायक के 257 पदों पर नियुक्ति IBPS के माध्यम से होनी है जो अपने अंतिम चरण में है। रोजगार के अन्य अवसरों के सृजन हेतु सहकारिता विभाग अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं तथा वेजफेड, सहकारी बैंकों, बिहार राज्य भंडार निगम आदि के माध्यम से रोजगारोन्मुख कार्यों/व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु कार्ययोजना बनाते हुए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण एवं कार्यशाला
पदाधिकारियों को विभिन्न राज्यों यथा महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश, गुजरात आदि में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न पैक्सों के अध्यक्षों/प्रबंधकों हेतु राज्य के अंदर विभिन्न जिलों के बेहतर कार्य करने वाले पैक्सों में प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम हेतु भेजा जा रहा है, ताकि पैक्स बेहतर कार्य प्रणाली का अध्ययन कर अपने पैक्स में भी कार्यान्वित कर सकें। 300 पैक्स अध्यक्षों को सहकारी प्रक्षेत्र में विकसित राज्यों यथा महाराष्ट्र में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है। 8053 पैक्सों में विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार सहकारी चौपाल आयोजित कर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया गया। राज्य में गयाजी जिले के डोभी प्रखंड में बिहार सहकारिता महाविद्यालय-सह-शोध संस्थान का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए राज्य सरकार के स्वामित्व की भूमि हस्तान्तरण की गई है एवं चहारदीवारी का कार्य प्रारंभ है। राज्य में सहकारी प्रशिक्षण संस्थान, पूसा को सेंटर ऑफ एक्सेलेंस बनाने हेतु नये प्रशासनिक भवन एवं स्मार्ट क्लासेस का निर्माण कराया जा रहा है।
बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपर्णन योजना
वर्तमान में योजनान्तर्गत केन्द्रीय स्तर पर आठ सब्जी संघ यथा हरित, तिरहुत, मिथिला. मगध भागलपुर, मुंगेर, सारण एवं शाहाबाद सब्जी संघ तथा प्रखंड स्तर पर 534 PVCS निबंधित है। उक्त संरचना के माध्यम से लगभग 89,000 से अधिक सब्जी उत्पादक किसान सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं। PVCS में आधारभूत संरचना का निर्माण कराया जा रहा है। जिसमे 1.14 करोड़ रुपए प्रति इकाई की लागत से राज्य अंतर्गत 114 PVCS में आधारभूत संरचना का निर्माण हो रहा है। उक्त संरचना अंतर्गत ग्रामीण मंडी, सब्जी संग्रहण केंद्र, कोल्ड स्टोरेज सॉर्टिंग-ग्रेडिंग यूनिट, गोदाम जैसी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। 200 PVCS में प्रति इकाई 7.44 लाख की लागत से तरकारी आउटलेट निर्माण कार्य कराया जा रहा है। PVCS में कैंप लगाकर पिछले 15 दिनों में लगभग 23,000 किसानों को सदस्य बनाया गया है।
Farm to Desk Model के तहत हरित सब्जी संघ द्वारा विकास भवन, पटना में सरकारी अधिकारियों / कर्मियों के दफ्तर तक सीधे खेतों से सब्जी की आपूर्ति शुरू की गई है।
सहकार भवन
सहकारिता विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों यथा-जिला सहकारिता पदाधिकारी कार्यालय, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ का कार्यालय, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियां का कार्यालय को निजी परिसरों में किराये पर चलने के कारण उत्पन्न कठिनाईयों एवं अभिलेखों का उचित रख-रखाव करने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से सभी 38 जिलों के लिए सहकार भवन का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक 22 सहकार भवनों का निर्माण हो चुका है, तीन में कार्य चल रहा है एवं शेष में निविदा आदि की प्रक्रिया चल रही है।

बिहार राज्य भंडार निगम
बिहार राज्य भंडार निगम को बिहार सरकार के सहकारिता विभाग के द्वारा “राज्य भंडारण एजेंसी” के रूप में घोषित किया गया है।
भंडारण क्षमता
बिहार राज्य भंडार निगम में बिहार राज्य अन्तर्गत कुल 53 भंडारगृह है, जिसकी भंडारण क्षमता 7.77 लाख मे.टन एवं झारखण्ड राज्य अन्तर्गत 5 भंडारगृह है जिसकी भंडारण क्षमता 0.22 लाख मे.टन है। कुल भंडारण क्षमता लगभग 7.99 लाख मे. टन है।
बिहार राज्य फसल सहायता योजना
योजनान्तर्गत रबी 2023-24 मौसम तक लगभग 33 लाख से अधिक किसानों को लगभग 22 सौ करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्तमान में खरीफ-2024 मौसम में एवं रबी 2024-25 मौसम का सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रियाधीन है। खरीफ 2025 मौसम में लगभग 15 लाख आवेदन प्राप्त हुए है। उपज दर ऑकंडों के आधार पर चयनित ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों का सत्यापनोपरान्त भुगतान की कार्रवाई मार्च-अप्रैल 2026 में किया जाना है। रबी 2025-26 मौसम में योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति दी गई है एवं ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक जनवरी 2026 से प्रारम्भ है।
पैक्सों का व्यवसायिक विविधीकरण
CSC (Common Service Centre) बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में 300 प्रकार की सेवाएं पैक्स द्वारा CSC के माध्यम से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 6301 पैक्सों में कॉमन सेवा केन्द्र की स्थापना की जा चुकी है, अभी तक पैक्सों द्वारा 6 करोड़ से अधिक का व्यवसाय किया गया है। पैक्सों के कार्यरत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रहे हैं। इस योजना के तहत पैक्स ग्रामीण नागरिकों को बैंकिंग, बीमा आधार नामांकन, स्वास्थ्य सेवाएं, कानूनी सेवाएँ, कृषि उपादान, पैन कार्ड, आईआरसीटीसी, रेल, बस, हवाई टिकट बुकिंग, आरटीपीएस पर उपलब्ध सेवाओं जैसी 300 से अधिक सेवाएँ प्रदान कर कर रही है।
प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र की स्थापना
इस योजना के तहत बिहार राज्य अंतर्गत अबतक कुल 2304 पैक्सों/समितियों को उर्वरक अनुज्ञप्ति प्राप्त है। पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजनान्तर्गत प्रथम चरण में राज्य के 4477 पैक्सों को कम्प्यूटरीकृत किया जा चुका है। बिहार के अन्य 2330 पैक्सों में कम्प्यूटरीकरण हेतु प्रस्ताव सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।
किसान उत्पादक संगठन
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहयोग से राज्य के 21 जिलों के 100 चयनित पंचायतों में पंचायत स्तरीय 100 किसान उत्पादक संगठन (FPO) का गठन किया गया है। कई FPO द्वारा मिक्स-मरचा चुड़ा, बटन मशरूम, ऑवला मुरब्बा, मखाना आदि का व्यवसाय प्रारंभ किया जा चुका है।
सहकारिता विभाग की नवीनतम पहल
मखाना उत्पादन प्रसंस्करण एवं विपणन के क्षेत्र में संगठित करने हेतु प्रत्येक प्रखंड में मखाना उद्योग समिति का गठन किये जाने हेतु उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है। शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। अभी तक 144 प्रखंड स्तरीय शहद उत्पादक एवं प्रसंस्करण समिति का गठन किया जा चुका है। शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग, उद्योग विभाग एवं मिल्क फेडरेशन के द्वारा समेकित कार्य किये जाने का उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है। बिहार राज्य शहद उत्पादक एवं प्रसंस्करण फेडरेशन का गठन किया जा चुका है। पैक्सों को आदर्श पैक्स के रूप में विकसित करने हेतु स्वच्छ प्रतिस्पर्धा के प्रयोजन से मुख्यमंत्री आदर्श पैक्स प्रोत्साहन योजना लागू है। इसके तहत् राज्य स्तर पर तीन पैक्सों एवं प्रत्येक जिला में तीन पैक्सों को पुरस्कृत किया जाता है।
पैक्सों में सदस्यता वृद्धि-सह-सहकारी जागरूकता अभियान के तहत पिछले वर्ष 1 माह में 2.5 लाख से अधिक नये सदस्य बनाए गए हैं
पैक्सों में सदस्यता वृद्धि-सह-सहकारी जागरूकता अभियान के तहत पिछले वर्ष एक माह में 2.5 लाख से अधिक नये सदस्य बनाए गए हैं और यह प्रयास अनवरत जारी रहेगा। इस अभियान के तहत सहकारी बैंकों में 31,757 नए खाते खोले गये हैं एवं प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों में 20 हजार नये सदस्य बनाए गए हैं। अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 (IYC 2025) के अवसर पर राज्य के विभिन्न स्तरों पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए यथा एक पेड़ माँ के नाम, जिलों में सहकार मैराथन, गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय कार्यशाला, जिलों में स्वास्थ्य शिविर, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन आदि।
यह भी पढ़े : सदन में विपक्ष पर उखड़ गए सम्राट, कहा- ‘गृह मंत्री हूं… आप लोगों की भी फाइल है, सबका इलाज करूंगा’
Highlights


