Air Ambulance Crash Update: चतरा के सिमरिया स्थित पत्थरपनिया जंगल में एयर एंबुलेंस क्रैश की जांच जारी। लापता इंजन की ड्रोन से तलाश, AAIB और DGCA टीमें जुटीं।
Air Ambulance Crash Update : चतरा से बड़ी खबर है। जिले के सिमरिया प्रखंड के करमटांड़ स्थित पत्थरपनिया जंगल में सोमवार शाम रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस के क्रैश मामले में बुधवार को भी जांच जारी रही। हादसे में पायलट, को-पायलट और डॉक्टर समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।
बुधवार को दिल्ली और कोलकाता से अलग-अलग जांच टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। एयर एंबुलेंस के दो इंजनों में से एक अब भी लापता है, जिसकी तलाश के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है।
पत्थरपनिया जंगल में सर्च ऑपरेशन, चार घंटे ड्रोन से खोज
जांच के दौरान लापता इंजन की खोज के लिए करीब चार घंटे तक ड्रोन उड़ाकर पूरे जंगल और तराई क्षेत्र को खंगाला गया। हालांकि देर शाम तक इंजन का कोई सुराग नहीं मिल सका।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक विमान पत्थरपनिया जंगल के घने हिस्से में गिरा था, जिससे मलबा काफी दूर-दूर तक बिखर गया। जांच एजेंसियां अब संभावित गिरावट क्षेत्र की परिधि बढ़ाने पर विचार कर रही हैं।
AAIB की विशेष टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
घटनास्थल पर Aircraft Accident Investigation Bureau की पांच सदस्यीय विशेष टीम ने सुबह 10 बजे पहुंचकर दोपहर एक बजे तक जांच की। टीम का नेतृत्व रमेश कुमार कर रहे थे।
करीब तीन घंटे तक टीम ने विमान के मलबे, जमीन और पेड़ों पर पड़े निशानों का सूक्ष्म परीक्षण किया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भौगोलिक स्थिति, टकराव के कोण और प्रभाव क्षेत्र का अध्ययन किया गया।
टीम ने कुछ ग्रामीणों से भी घटना के समय देखी गई परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली। कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र कर आगे की तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित किए गए हैं।
DGCA के बाद कंपनी रेडबर्ड की टीम भी पहुंची
मंगलवार को Directorate General of Civil Aviation की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद बुधवार को क्रैश एयर एंबुलेंस की ऑपरेटिंग कंपनी रेडबर्ड की टीम भी पहुंची।
कंपनी की टीम ने विभिन्न स्थानों से विमान के टुकड़ों को इकट्ठा करना शुरू किया। बड़े हिस्सों को गैस कटर से काटकर छोटे टुकड़ों में बदला गया और ट्रैक्टर के माध्यम से सिमरिया भेजा जा रहा है।
संभावना जताई जा रही है कि गुरुवार को सभी मलबों को कंटेनर के जरिए दिल्ली ले जाया जाएगा, जहां विस्तृत फॉरेंसिक और तकनीकी जांच होगी।
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