झारखंड कोयला घोटाले में ईडी की कार्रवाई तेज। धनबाद के कारोबारी एलबी सिंह से रांची कार्यालय में पूछताछ, डिजिटल उपकरण अनलॉक कर दस्तावेजों की जांच।
Jharkhand Coal Scam Update रांची: झारखंड में चर्चित कोयला घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में सोमवार को धनबाद के कोयला कारोबारी एलबी सिंह समन के बाद रांची स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे। एजेंसी ने उनसे कोयले के खनन, परिवहन और कारोबार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की।
Jharkhand Coal Scam Update: डिजिटल उपकरणों की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल
पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने पहले से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों को एलबी सिंह के सामने अनलॉक कराया। इसके बाद उनमें मौजूद दस्तावेजों और डाटा की जांच की गई। एजेंसी ने कोयला तस्करी से जुड़े संभावित हवाला लेनदेन और कारोबारी नेटवर्क के बारे में भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की।
Key Highlights
कोयला घोटाले में ईडी ने धनबाद के कारोबारी एलबी सिंह से की पूछताछ
रांची स्थित ईडी कार्यालय में समन के बाद पहुंचे एलबी सिंह
जब्त डिजिटल उपकरण अनलॉक कर दस्तावेजों की जांच
हवाला लेनदेन और अनूप माजी उर्फ लाला से संबंधों पर सवाल
पहले छापेमारी में 2.20 करोड़ नकद और जमीन से जुड़े 150 दस्तावेज बरामद
Jharkhand Coal Scam Update: कोयला माफिया अनूप माजी से संबंधों पर सवाल
पूछताछ के दौरान ईडी ने कोयला माफिया अनूप माजी उर्फ लाला से संभावित संबंधों को लेकर भी सवाल किए। हालांकि एलबी सिंह ने लाला के साथ किसी भी प्रकार के कारोबारी संबंध होने से साफ इनकार किया है। यह पूरा मामला झारखंड और पश्चिम बंगाल में फैले कथित अवैध कोयला कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है।
Jharkhand Coal Scam Update: पहले भी हुई थी बड़ी छापेमारी
ईडी ने 21 नवंबर 2025 को धनबाद और दुमका में एलबी सिंह और उनके करीबियों से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान 2.20 करोड़ रुपये नकद और जमीन से जुड़े 150 से अधिक दस्तावेज बरामद किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी ने एलबी सिंह से विस्तृत पूछताछ की है।
जिन ठिकानों से दस्तावेज बरामद हुए थे, उनमें एलबी सिंह के अलावा अनिल गोयल, संजय खेमका और अमर मंडल सहित उनके कई करीबी शामिल थे। ईडी इससे पहले भी डिजिटल उपकरणों को खोलने और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ के लिए एलबी सिंह को समन कर चुकी थी। उस समय उन्होंने बीमारी का हवाला देकर समय मांगा था, जिसके बाद उन्हें 9 मार्च को रांची कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
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