पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच तेज। हत्या में इस्तेमाल बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने का खुलासा।
Bengal Murder Case रांची: पश्चिम बंगाल में नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल की गयी बाइक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। बाइक पर लगा नंबर डब्ल्यूबी 44 डी 1990 चासनाला में कार्यरत एक सेलकर्मी की बाइक का निकला, जिसके बाद पुलिस टीम ने धनबाद पहुंचकर पूछताछ की।
हालांकि जांच में यह साफ हो गया कि हत्या में इस्तेमाल बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगायी गयी थी। इसके बाद संबंधित सेलकर्मी को छोड़ दिया गया।
Key Highlights
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बंगाल पुलिस की जांच तेज
हत्या में इस्तेमाल बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट का खुलासा
बाइक नंबर चासनाला के सेलकर्मी विभाष भट्टाचार्य के नाम पर निकला
बाइक के मॉडल और रंग में अंतर मिलने पर सेलकर्मी को छोड़ा गया
पुलिस तकनीकी और फील्ड जांच के जरिए अपराधियों तक पहुंचने में जुटी
Bengal Murder Case: बर्नपुर निवासी विभाष भट्टाचार्य के नाम पर दर्ज था नंबर
पुलिस जांच में सामने आया कि बाइक नंबर डब्ल्यूबी 44 डी 1990 बर्नपुर निवासी विभाष कुमार भट्टाचार्य के नाम पर पंजीकृत है। विभाष पहले सेल बर्नपुर में कार्यरत थे, लेकिन कुछ वर्ष पहले उनका तबादला सेल चासनाला में हो गया था। वर्तमान में वह सेल के कार्यपालक निदेशक कार्यालय में कार्यरत हैं।
मामले की जांच करते हुए बंगाल पुलिस शुक्रवार देर रात पाथरडीह थाना पहुंची और विभाष भट्टाचार्य को पूछताछ के लिए बुलाया।
Bengal Murder Case: जांच में सामने आया नंबर प्लेट फर्जीवाड़ा
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान विभाष ने बताया कि उनकी बाइक चासनाला स्थित आवास पर मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने बाइक की जांच की। जांच में पाया गया कि हत्या में इस्तेमाल बाइक और विभाष की बाइक के मॉडल और रंग में अंतर है।
इसके अलावा घटना वाले दिन विभाष अपने कार्यालय में मौजूद थे, जिसकी पुष्टि भी जांच में हुई। इसके बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अपराधियों ने हत्या में इस्तेमाल बाइक पर दूसरे वाहन की नंबर प्लेट लगा रखी थी।
Bengal Murder Case: हत्यारों तक पहुंचने के लिए कई बिंदुओं पर जांच
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को लेकर बंगाल पुलिस अब तकनीकी और फील्ड जांच दोनों स्तर पर कार्रवाई कर रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बाइक की आवाजाही से जुड़े सुरागों को खंगाल रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि अपराधियों ने पहचान छिपाने के लिए जानबूझकर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
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