पटना : केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के स्तर से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की ओर से राज्य में सात बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। इन केंद्रों का निर्माण पीएम जनमन (जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना के तहत किया जा रहा है।
इन बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण गया, पूर्णिया, मधेपुरा एवं किशनगंज जिलों में अलग-अलग स्थानों पर कराया जा रहा है
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इन बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण गया, पूर्णिया, मधेपुरा एवं किशनगंज जिलों में अलग-अलग स्थानों पर कराया जा रहा है। इन केंद्रों का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को सामाजिक, शैक्षणिक तथा सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक सुदृढ़ आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना है। ताकि स्थानीय स्तर पर विकासात्मक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
कई स्थलों पर कार्य तेजी से प्रगति पर है
निर्माणाधीन केंद्रों की वर्तमान स्थिति के अनुसार, कई स्थलों पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। गया जिले के डुमरी एवं नागोवर में छत (रूफ स्लैब) तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि मोरनिया में आधार स्तर से आगे का निर्माण शुरू हो गया है। पूर्णिया जिले के हरिपुर मादी में लिंटर स्तर तक तथा मखनाहा में लिंटर स्तर से ऊपर तक निर्माण कार्य पूरा हो गया है। वहीं, किशनगंज जिले के ढेकीपारा में दीवार का निर्माण पूर्ण हो चुका है और अब छत की ढलाई बची हुई है। मधेपुरा जिले के टिकुलिया-बिशनपुर में भूमि का सीमांकन (डिमार्केशन) कार्य पूरा कर लिया गया है।
राज्य सरकार का प्रयास है कि इन बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण शीघ्र पूरा कर जनजातीय समुदायों को इसका लाभ उपलब्ध कराया जाए
राज्य सरकार का प्रयास है कि इन बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण शीघ्र पूरा कर जनजातीय समुदायों को इसका लाभ उपलब्ध कराया जाए। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सामुदायिक बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
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