एनएमसी ने एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने पर दुमका मेडिकल कॉलेज समेत 7 कॉलेजों पर 1 करोड़ जुर्माना लगाया।
Jharkhand Medical College रांची: नेशनल मेडिकल कमीशन ने एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट्स को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने पर देश के सात मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने प्रत्येक संस्थान पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इस सूची में झारखंड का दुमका मेडिकल कॉलेज भी शामिल है।
एनएमसी द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एमबीबीएस इंटर्न और पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट्स को मिलने वाले स्टाइपेंड की जानकारी प्रकाशित करना अनिवार्य है।
Jharkhand Medical College :सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं
नोटिस के अनुसार संबंधित मेडिकल कॉलेजों ने बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद अपनी वेबसाइट पर स्टाइपेंड से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन माना गया है।
एनएमसी ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल इंटर्न और पीजी रेजिडेंट्स को स्टाइपेंड का भुगतान सुनिश्चित करना और उसकी जानकारी सार्वजनिक करना सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है।
Key Highlights:
• एनएमसी ने सात मेडिकल कॉलेजों पर लगाया एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना
• दुमका मेडिकल कॉलेज भी कार्रवाई की जद में
• एमबीबीएस इंटर्न और पीजी रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड की जानकारी वेबसाइट पर नहीं थी
• सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई
• नियम नहीं मानने पर मान्यता रोकने तक की चेतावनी
Jharkhand Medical College :आगे और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
आयोग ने यह भी कहा है कि यदि संबंधित मेडिकल कॉलेज आगे भी नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
Jharkhand Medical College :कई राज्यों के मेडिकल कॉलेजों पर कार्रवाई
एनएमसी की कार्रवाई केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। दुमका मेडिकल कॉलेज के अलावा कर्नाटक, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है।
आयोग ने सभी मेडिकल संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे इंटर्न और रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड से जुड़ी जानकारी अपनी वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराएं।
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