आरोप प्रत्यारोप के बाद पीके का दांव, सम्राट के टक्कर में उतारा एमबीबीएस उम्मीदवार, दांव पर चौधरी की प्रतिष्ठा !
बिहार चुनावी घोषणा के बाद राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है । सभी पार्टियां अपने ईलाके में प्रतिद्वंदी के विरुद्ध टक्कर देने वाले उम्मीदवार उतार रहे हैं । ऐसे में कही – कही दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर दिख रही है । तारापुर विधानसभा में भी ऐसी ही कुछ स्थिति है ।

News22scope Desk : बिहार चुनावी घोषणा के बाद राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है । सभी पार्टियां अपने ईलाके में प्रतिद्वंदी के विरुद्ध टक्कर देने वाले उम्मीदवार उतार रहे हैं । ऐसे में कही – कही दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर दिख रही है । तारापुर विधानसभा में भी ऐसी ही कुछ स्थिति है । हाल के दिनों में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपनी बिहार बदलाव यात्रा के बाद नीतीश सरकार के मंत्रियों अशोक चौधरी, मंगल पांडे पर खुब हमलावर रहे हैं और जनता के बीच उनकी पोल खोल कर रख दी है ।
जनसुराज से जगी आमजन की आस
सरकारी आफिसों में बाबुओं की नबाबी और भ्रष्टाचार से त्रस्त जनता के घावों पर न सिर्फ मरहम लगा है बल्कि एक नया विकल्प के रुप में भी देख रही है । भले ही पूर्ण बहुमत नही मिले लेकिन एनडीए और महागठबंधन के बीच एक तीसरा विकल्प तो सामने आ ही गया है और दोनों खेमों में घबराहट भी देखने को मिल रही है ।

कुशवाहा बहुल है तारापुर विधानसभा
तारापुर सीट की अगर बात करे तो इस सीट पर 1985 से लेकर 2005 तक सम्राट चौधरी के परिवार का ही कब्जा रहा है । जमुई लोकसभा के अंदर आने वाला यह ईलाका कुशवाहा बहुल है । स्थानीय और कुशवाहा समाज से होने के कारण इस समाज में इनकी अच्छी पकड़ है लेकिन पीके का सिपहसलार कितना टक्कर देगा यह तो चुनाव परिणाम से ही पता चलेगा ।
वीडियों देखे :
कौन है एमबीबीएस संतोष सिंह
जनसुराज प्रत्याशी संतोष सिंह शिशु रोग विशेषज्ञ है इन्होंने भागलपुर से एमबीबीएस किया है और पीएमसीएच से एमडी की है ।
जनसुराज के पक्ष में जनता कितना गोलबंद हो पाती है और यह कितना टक्कर दे पाती है यह तो आने वाला समय ही तय करेगा । चुनाव परिणाम जो भी हो लेकिन जनसुराज का बिहार की राजनीतिक में धमक विपक्षियों के खेमों में हलचल तो जरूर पैदा कर रही है ।
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