Airfare Policy Update: घरेलू उड़ानों पर Price Cap हटी, अब बाजार तय करेगा टिकट किराया

 सरकार ने घरेलू हवाई टिकटों पर लगी प्राइस कैपिंग हटाई, अब एयरलाइंस बाजार के अनुसार किराया तय करेंगी, यात्रियों पर असर की आशंका।


 Airfare Policy Updateनई दिल्ली:भारत सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए टिकटों पर लगी ‘प्राइस कैपिंग’ यानी किराये की ऊपरी सीमा को हटा दिया है। यह निर्णय सोमवार 23 मार्च से लागू हो गया है, जिसके बाद अब एयरलाइंस कंपनियां बाजार की मांग और अपनी व्यावसायिक रणनीति के अनुसार किराया तय कर सकेंगी।

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक परिस्थितियों, खासकर ईरान युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेजी आई है। एयरलाइंस कंपनियां लंबे समय से लागत बढ़ने और घाटे के दबाव की बात कर रही थीं, जिसके बाद सरकार ने यह बदलाव किया है।

Airfare Policy Update:क्या था प्राइस कैपिंग का नियम

दिसंबर 2025 में सरकार ने यात्रियों को राहत देने के लिए घरेलू उड़ानों पर किराये की अधिकतम सीमा तय की थी। उस समय प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो की उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने के कारण टिकट की कीमतों में अचानक भारी उछाल देखने को मिला था।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 500 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए अधिकतम 7,500 रुपये और दिल्ली-मुंबई जैसे लंबी दूरी के रूट के लिए 15,000 रुपये तक किराया तय किया गया था।


Key Highlights

  • घरेलू उड़ानों पर प्राइस कैपिंग हटाई गई

  • 23 मार्च से एयरलाइंस बाजार के अनुसार तय करेंगी किराया

  • ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी बना प्रमुख कारण

  • सरकार ने पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए

  • यात्रियों के लिए किराये में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ी


Airfare Policy Update:अब कैसे तय होगा किराया

नई व्यवस्था के तहत एयरलाइंस कंपनियां अब ‘ओपन मार्केट’ सिस्टम में काम करेंगी। यानी मांग और आपूर्ति के आधार पर टिकट की कीमतें तय होंगी। पीक सीजन, त्योहारों या अचानक बढ़ी मांग के दौरान किराया बढ़ सकता है, जबकि कम मांग होने पर टिकट सस्ते भी हो सकते हैं।

Airfare Policy Update:सरकार की चेतावनी और निगरानी

प्राइस कैप हटाने के साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी प्राइसिंग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखें। मंत्रालय ने कहा है कि बाजार की स्थिति का हवाला देकर यात्रियों का शोषण नहीं होना चाहिए।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ओपन मार्केट में सरकार का सीधा नियंत्रण सीमित रहेगा और किराये में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।

Airfare Policy Update:यात्रियों पर संभावित असर

इस फैसले के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान अधिक सतर्क रहना होगा। आखिरी समय में बुकिंग करने पर किराया महंगा हो सकता है, जबकि एडवांस बुकिंग में कुछ राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में किराये में अस्थिरता बढ़ सकती है, खासकर तब जब ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं।

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