मार्च में अचानक बदले मौसम ने तापमान गिराया, बारिश-आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं और आम की फसलों को नुकसान, 27-28 मार्च के लिए यलो अलर्ट जारी।
March Weather Update रांची: मार्च की शुरुआत में जहां तेज गर्मी ने रिकॉर्ड बनाया था, वहीं अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री और रात का तापमान लगभग 5 डिग्री तक नीचे चला गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह बदलाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सात वर्षों में मार्च महीने में इस तरह का मौसम पहली बार देखने को मिला है।
March Weather Update: मौसम में बदलाव की वजह और प्रभाव
मौसम में यह उतार-चढ़ाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव का नतीजा है। इन दोनों सिस्टम के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे, तेज हवाएं चलीं और बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। इसके कारण जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं अचानक ठंडक बढ़ने से जनजीवन पर भी असर पड़ा है।
Key Highlights
मार्च में अचानक मौसम परिवर्तन से तापमान में भारी गिरावट
दिन का तापमान 7 डिग्री और रात का 5 डिग्री तक कम
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ बना कारण
27-28 मार्च के लिए यलो अलर्ट जारी
ओलावृष्टि से गेहूं और आम की फसलों को नुकसान
March Weather Update: आगे का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। 25 मार्च को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है और मौसम शुष्क रहेगा। 26 मार्च को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 27 और 28 मार्च को गर्जन के साथ बारिश की संभावना है, जिसके लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
March Weather Update: फसलों पर असर: नुकसान और राहत दोनों
मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। जहां गेहूं की फसल खलिहान में रखी थी, वहां ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। खड़ी फसल को भी चोट पहुंची है। हालांकि जिन क्षेत्रों में केवल बारिश हुई है, वहां गेहूं के दानों के सिकुड़ने की संभावना कम हो गई है, जिससे कुछ राहत मिली है। वहीं आम की फसल को बड़ा झटका लगा है। ओलावृष्टि के कारण टिकोले झड़ गए हैं और कई जगहों पर उन्हें नुकसान भी पहुंचा है। हालांकि केवल बारिश वाले क्षेत्रों में आम की फसल को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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